रिया चक्रवर्ती को सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े चर्चित ड्रग्स मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। विशेष एनडीपीएस अदालत ने उनके बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से अनफ्रीज करने और जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स वापस करने का आदेश दिया है। अदालत ने इस दौरान जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उसे कानून के पालन में विफल बताया।
मामला
वर्ष 2020 में सुशांत
सिंह राजपूत की मौत के बाद सामने आए ड्रग्स एंगल से जुड़ा है, जिसमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने रिया और
उनके भाई शौविक चक्रवर्ती के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था। अब लगभग 6 साल बाद अदालत ने इस कार्रवाई को प्रक्रियात्मक खामियों के आधार पर गलत
ठहराया है।
अदालत ने
अपने आदेश में स्पष्ट किया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत किसी भी संपत्ति या बैंक
खाते को जब्त करने के बाद 30 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी
से अनुमति लेना अनिवार्य है। रिया के मामले में यह जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं की
गई। कोर्ट ने कहा कि समयसीमा के भीतर मंजूरी न लेने के कारण खातों को फ्रीज रखना
कानूनन वैध नहीं ठहराया जा सकता।
रिया और
उनके भाई ने इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि जांच
एजेंसी ने कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन किया, जिससे उन्हें लंबे समय तक आर्थिक नुकसान और कठिनाइयों का
सामना करना पड़ा। अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए खातों को बहाल करने का
आदेश दिया।
वहीं, सरकारी पक्ष ने इस राहत का विरोध
करते हुए रिया के पुराने बयानों और कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों का
हवाला दिया। हालांकि, अदालत ने तकनीकी और प्रक्रियात्मक
खामियों को आधार बनाते हुए इन दलीलों को खारिज कर दिया।
गौरतलब है
कि रिया चक्रवर्ती को सितंबर 2020
में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें करीब 28 दिन जेल में रहना पड़ा था। अब इस फैसले के बाद उन्हें न केवल कानूनी बल्कि
वित्तीय स्तर पर भी बड़ी राहत मिली है, जिससे वह अपने
संसाधनों का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सकेंगी।

