अतिथि
5 खबरें
आस्था के केंद्रों को सशक्त बनाने में जुटा मंदिर महासंघ, संयोजक दाऊलाल ने पारदर्शिता, सुरक्षा और स्वायत्तता को बताया जरूरी
खल्लारी में हाल ही में हुई रोपवे दुर्घटना को उन्होंने दुखद बताया, लेकिन उससे भी अधिक चिंताजनक बात उनके अनुसार यह है कि दुर्घटना की जांच के नाम पर मंदिर ट्रस्टियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उनका तर्क बिल्कुल स्पष्ट है कि मंदिर ट्रस्ट का दायित्व मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं की व्यवस्था तक सीमित है, न कि किसी तकनीकी ढांचे जैसे रोपवे के रख-रखाव तक
सबके भीतर राम के जरिए महंत पोखनदास ने दिया आध्यात्मिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने का संदेश
सबके भीतर राम का मूल संदेश यह है कि परमात्मा हर व्यक्ति के भीतर विद्यमान है और नाम-स्मरण के माध्यम से उसे अनुभव किया जा सकता है। कविताओं में भक्ति, आंतरिक शुद्धता और जीवन की सच्चाई को सरल भाषा में व्यक्त किया गया है।
पत्रकारिता : स्पीड नहीं, विश्वसनीयता ही मीडिया की असली पहचान, कीर्तिमान बना भरोसे का नया मंच
कीर्तिमान के कार्यालय में सौजन्य भेंट के लिए पहुंचे ट्रूथ अनसेंसोरड के संस्थापक और वरिष्ठ पत्रकार अनिल तिवारी ने कहा कि आज मीडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले खबर देने की होड़ है। इस आपा-धापी ने कई बार पत्रकारिता की मूल आत्मा को प्रभावित किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जल्दबाजी में दी जा रही अपुष्ट और अधूरी जानकारी दर्शकों को भ्रमित करती है, मीडिया संस्थानों की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाती है।
भाजपा आश्वस्त : चुनाव से पहले संगठन का आत्मविश्वास हाई, जिलाध्यक्ष येतराम साहू ने कसा कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर तंज
राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो भाजपा का यह आक्रामक रुख और आत्मविश्वास चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें एक ओर विकास और संगठन की मजबूती को सामने रखा जा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष की कमजोरियों को मुद्दा बनाया जा रहा है। आने वाले चुनाव में यह रणनीति कितना असर दिखाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
छत्तीसगढ़ में मधुमेह : डायबिटीज एक्सपर्ट डॉ. श्रीप्रकाश सिंह ने अनियमित दिनचर्या और पीने के पानी की शुद्धता पर की चर्चा
डॉ. सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण मधुमेह के मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने इस प्रवृत्ति को समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी बताते हुए कहा कि यदि समय रहते जीवनशैली में आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।