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संकेत : रात की नींद खराब कर रही बार-बार पेशाब की आदत, इन कारणों को न करें नजरअंदाज
रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना (Nocturia) कई बार सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे तो यह डायबिटीज, ओवरएक्टिव ब्लैडर, स्लीप एपनिया, किडनी या हार्ट से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकती है। उम्र बढ़ने, ज्यादा तरल पदार्थ लेने या कुछ दवाओं के कारण भी रात में पेशाब बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बार-बार नींद टूटने से थकान और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
एरवाड़ी हादसा : मानसिक बीमारी और सिस्टम की सबसे दर्दनाक कहानी
तमिलनाडु के एरवाड़ी में 6 अगस्त 2001 को एक अवैध मेंटल होम में आग लगने से जंजीरों में बंधे 28 मानसिक रोगियों की मौत हो गई थी। इस हादसे ने देश की मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था, इलाज की कमी और अंधविश्वास की गंभीर समस्या को उजागर किया। बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और मेंटल हेल्थकेयर एक्ट 2017 के जरिए मानसिक रोगियों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा दी गई।
चेतावनी : हाथ में दर्द को न करें नजरअंदाज, यह हार्ट अटैक समेत इन 5 गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत
बाएं हाथ में दर्द हमेशा सामान्य थकान या मांसपेशियों में खिंचाव का संकेत नहीं होता। यह फ्रैक्चर, नस दबने, स्लिप डिस्क जैसी समस्याओं के साथ-साथ हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति का भी शुरुआती लक्षण हो सकता है। यदि दर्द के साथ सीने में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ, ठंडा पसीना या मतली जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।
सुपरफूड : महिलाओं के लिए वरदान है चुकंदर का जूस, जानिए 5 बड़े फायदे
चुकंदर का जूस महिलाओं के लिए पोषण से भरपूर हेल्दी ड्रिंक है। इसमें मौजूद आयरन, फोलेट, नाइट्रेट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स एनीमिया से बचाव, हार्ट हेल्थ, त्वचा की चमक, एनर्जी बढ़ाने और गर्भावस्था के दौरान जरूरी पोषण देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसका सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह के साथ करना चाहिए।
खतरा : जिंक की कमी के ये संकेत भूलकर भी न करें नजरअंदाज, जानें कैसे करें बचाव
शरीर में जिंक की कमी से इम्यूनिटी कमजोर होने, बार-बार संक्रमण, थकान, बाल झड़ना और घाव देर से भरने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जानिए जिंक के प्रमुख फायदे, इसकी कमी के लक्षण, किन लोगों को सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है और जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थ कौन-कौन से हैं।
नींद : दिनभर झपकी आने की आदत पड़ सकती है भारी, जानिए इसके कारण और बचाव
दिनभर बार-बार नींद आना केवल थकान का संकेत नहीं, बल्कि खराब स्लीप रूटीन, तनाव, स्लीप डिसऑर्डर या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। जानिए दिन में अधिक नींद आने के प्रमुख कारण, इसे दूर करने के असरदार उपाय और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
फायदे : रोजाना लहसुन खाने के फायदे और नुकसान, जानिए विशेषज्ञों की राय
लहसुन भारतीय रसोई का एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसे स्वाद के साथ-साथ औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। आयुर्वेद में इसे लशुन कहा गया है और इसे पाचन सुधारने, वात-कफ संतुलित करने तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को समर्थन देने वाला माना जाता है। आधुनिक शोधों के अनुसार लहसुन में मौजूद एलिसिन और सल्फर यौगिक शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कार्य में मदद कर सकते हैं।
सलाह : मानसिक स्वास्थ्य और कपड़ों के रंग का कनेक्शन, जानिए सद्गुरु की बात
आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव के अनुसार रंगों का हमारे मन, भावनाओं और ऊर्जा पर प्रभाव पड़ सकता है। उनका मानना है कि काला रंग आसपास की चीजों को सोखने की क्षमता रखता है, इसलिए हर परिस्थिति में लंबे समय तक काले कपड़े पहनने से मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। वहीं सफेद रंग को वे शांति और सुरक्षा से जोड़ते हैं।
फायदेमंद : बार-बार टूटती है नींद, केले के छिलके की चाय से मिल सकता है आराम
रात में नींद न आने की समस्या से परेशान लोगों के लिए केले के छिलके की चाय को एक प्राकृतिक स्लीप ड्रिंक के रूप में देखा जा रहा है। केले के छिलके में मौजूद मैग्नीशियम, पोटैशियम और ट्रिप्टोफैन जैसे पोषक तत्व शरीर को रिलैक्स करने और नींद से जुड़े हार्मोन को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, लंबे समय से नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों को सिर्फ इस चाय पर निर्भर नहीं रहना
ब्रेन हेल्थ : स्वस्थ दिमाग ही स्वस्थ जीवन की असली नींव, जानें ब्रेन हेल्थ से जुड़ी जरूरी बातें
हर साल 22 जुलाई को वर्ल्ड ब्रेन डे मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को दिमागी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। दुनिया में 3.4 अरब से अधिक लोग न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से प्रभावित हैं, इसलिए ब्रेन हेल्थ पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इस दिन लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, सही खानपान, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और समय पर इलाज के जरिए दिमाग को स्वस्थ रखने का संदेश दिया जाता है।
रेडिएशन थेरेपी : रेडिएशन थेरेपी के बाद क्यों होती है शरीर में जकड़न और सूजन? जानें वजह
कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेडिएशन थेरेपी कुछ मरीजों में लंबे समय बाद रेडिएशन फाइब्रोसिस की समस्या पैदा कर सकती है। इसमें प्रभावित हिस्से में अकड़न, दर्द, सूजन और हिलने-डुलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। समय पर पहचान, नियमित जांच और उचित उपचार से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है।
स्क्लेरोजिंग कोलांगाइटिस : लिवर की बीमारी के लक्षण, कारण और बचाव जानिए लिवर की दुर्लभ बीमारी के लक्षण
बार-बार गैस, पेट में भारीपन, थकान और त्वचा में खुजली जैसी समस्याएं केवल पाचन की परेशानी नहीं, बल्कि प्राइमरी स्क्लेरोजिंग कोलांगाइटिस (PSC) जैसी लिवर बीमारी के संकेत हो सकती हैं। जानिए इस दुर्लभ बीमारी के लक्षण, कारण, जोखिम और बचाव के तरीके।