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High Protein Diet: हाई-प्रोटीन डाइट से क्यों होने लगती है कब्ज? जानिए असली वजह और बचाव के आसान तरीके
High Protein Diet: हाई-प्रोटीन डाइट लेने से सीधे तौर पर हर व्यक्ति को कब्ज नहीं होती। प्रोटीन बढ़ाने के साथ फाइबर और पानी की कमी कब्ज की बड़ी वजह बन सकती है। फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शामिल करने से इससे बचा जा सकता है।
Swine Flu Chhattisgarh: 10 नए मरीज मिले, जेल अधिकारी भी चपेट में, रायपुर और दुर्ग में बिगड़े हालात
Swine Flu Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (H1N1) के 10 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 115 हो गई है, जबकि 28 मरीजों का इलाज जारी है। रायपुर और दुर्ग में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
Orthorexia Nervosa: हेल्दी खाने की चाह कहीं बीमारी तो नहीं? जानिए क्या है ऑर्थोरेक्सिया नर्वोसा
Orthorexia Nervosa: ऑर्थोरेक्सिया नर्वोसा में हेल्दी या शुद्ध भोजन को लेकर अत्यधिक जुनून और कठोर नियम देखने को मिल सकते हैं। इससे खाने को लेकर चिंता, अपराधबोध और तनाव बढ़ने के साथ सोशल लाइफ और न्यूट्रिशन पर भी असर पड़ सकता है।
Diabetes Risk: परिवार में डायबिटीज है तो कितना खतरा? जानें लक्षण और बचाव के तरीके
Diabetes Risk: परिवार में डायबिटीज होने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। समय पर जांच, स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रित रखकर इसके जोखिम को कम किया जा सकता है।
Chhattisgarh Health News: स्वाइन फ्लू के 105 मामले, रायपुर सबसे ज्यादा प्रभावित, 18 मरीज एक्टिव
Chhattisgarh Health News: 1 जनवरी से 27 अगस्त तक स्वाइन फ्लू के 105 मामले सामने आए हैं। फिलहाल 18 मरीज सक्रिय हैं, जबकि रायपुर 51 मामलों के साथ सबसे अधिक प्रभावित जिला है।
ECG vs Echo: दोनों हार्ट टेस्ट में क्या है अंतर, जानिए किस जांच से क्या चलता है पता
ECG vs Echo: ECG और Echo दोनों दिल की जांच हैं, लेकिन इनके काम अलग-अलग हैं। ECG हार्ट रिदम और इलेक्ट्रिकल गतिविधि रिकॉर्ड करता है, जबकि Echo दिल की संरचना, वाल्व, रक्त प्रवाह और पंपिंग क्षमता की जानकारी देता है।
Delhi H1N1 Cases: H1N1 संक्रमण, जानें कब जाएं अस्पताल
Delhi H1N1 Cases: दिल्ली में इंफ्लूएंजा के करीब 3,000 मामले सामने आए हैं, जिनमें 2,308 मरीज एच1एन1 से संक्रमित हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
Hearing Loss: कम सुनाई देने की समस्या न करें नजरअंदाज, बढ़ सकता है डिमेंशिया का जोखिम
Hearing Loss: कम सुनाई देने की समस्या मस्तिष्क पर अतिरिक्त दबाव डालने के साथ सामाजिक अलगाव बढ़ा सकती है, जिससे याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होने का खतरा रहता है। हियरिंग एड को डिमेंशिया का निश्चित इलाज नहीं माना जाता, लेकिन समय पर सुनने की जांच और उचित उपचार इसके जोखिम को कम करने में मददगार हो सकते हैं।
Sunlight Benefits: कमरे में बंद रहने की आदत बना सकती है बीमार, धूप न मिलने से शरीर में होते हैं ये 5 बड़े नुकसान, जानें बचाव के आसान उपाय
Sunlight Benefits: लंबे समय तक बंद कमरे में रहने से प्राकृतिक रोशनी का संपर्क कम हो सकता है। इससे विटामिन D की कमी का खतरा बढ़ने के साथ नींद, हड्डियों और मांसपेशियों की सेहत प्रभावित हो सकती है। सुरक्षित धूप, संतुलित आहार और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच उपयोगी है।
बारिश के बीच छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की दस्तक, रायपुर में सबसे ज्यादा 25 केस
छत्तीसगढ़ में बदलते मौसम और बारिश के बीच स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। प्रदेश में अब तक 38 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिनमें अकेले रायपुर के 25 मरीज शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों की जांच बढ़ा दी है। विशेषज्ञों ने तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी है।
पटरी पर पहुंची हॉस्पिटल ऑन व्हील्स, बिश्रामपुर में लाइफलाइन एक्सप्रेस बनी गरीबों का सहारा, 5 सितंबर तक मिलेगा मुफ्त इलाज
सूरजपुर के बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी लाइफलाइन एक्सप्रेस के जरिए 5 सितंबर तक जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त जांच, इलाज और सर्जरी की सुविधा दी जा रही है। इसमें नेत्र-कान रोग, बच्चों के क्लब फुट, प्लास्टिक सर्जरी, महिला कैंसर स्क्रीनिंग और दंत चिकित्सा जैसी सेवाएं शामिल हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों के रजिस्ट्रेशन से लेकर उपचार और दवा वितरण तक की व्यवस्था संभाल रही है।
स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा: OPD में 20% बढ़े मरीज, हर चौथे में फ्लू के लक्षण
भोपाल में मौसम बदलने के साथ फ्लू और स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीज तेजी से बढ़े हैं। अस्पतालों की OPD में मरीजों की संख्या करीब 20% बढ़ी है। डॉक्टरों ने बुखार, लगातार खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय पर इलाज कराने की सलाह दी है।