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उज्जैन देलवाड़ी डॉग अटैक
उज्जैन देलवाड़ी डॉग अटैक
राष्ट्रीय

आतंक : 3 साल की बच्ची पर खूंखार कुत्ते का हमला, चेहरे पर 55 टांके, गंभीर हालत में इंदौर रेफर   

दर्दनाक हादसा: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील के देलवाड़ी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ अपने घर के बाहर खेल रही 3 साल की मासूम बच्ची माही (पिता कालू सिंह) पर एक खूंखार आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया और उसके चेहरे व सिर को बुरी तरह नोच डाला।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 15 Jun 2026, 01:10 PM · अपडेट: 07 Oct 2026, 12:05 AM
मध्यप्रदेश
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। महिदपुर तहसील के देलवाड़ी गांव में महज 3 साल की मासूम बच्ची, माही (पिता कालू सिंह), अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान पास ही बैठा एक खूंखार आवारा कुत्ता अचानक आक्रामक हो उठा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, कुत्ते ने मासूम पर जानलेवा हमला कर दिया।

कुत्ते के हमले से मासूम माही तुरंत जमीन पर गिर गई। वह दर्द से तड़पती हुई मदद के लिए चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन खूंखार कुत्ता उसे बेरहमी से काटता और नोचता रहा। बच्ची की चीखें सुनकर आस-पास के लोग और परिजन तुरंत मौके पर दौड़े और जैसे-तैसे भारी मशक्कत के बाद मासूम को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। तब तक कुत्ते ने बच्ची के गाल और मुंह को जगह-जगह से बुरी तरह फाड़ डाला था।

अस्पताल में मची चीख-पुकार

लहूलुहान और अचेत हो चुकी बच्ची को लेकर परिजन तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल आगर पहुंचे। बच्ची के चेहरे और मुंह पर इतने गहरे जख्म थे कि खून लगातार बह रहा था। डॉक्टरों की टीम ने बेहद सावधानी से करीब 55 टांके लगाकर ब्लीडिंग (खून का बहना) को रोका। हालांकि, घाव बेहद संवेदनशील और गहरे होने के कारण मासूम की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत इंदौर रेफर कर दिया गया।

गांव में दौड़ी डॉग कैचर टीम 

इस खौफनाक घटना के बाद से देलवाड़ी गांव सहित पूरे इलाके में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। ताजा जानकारी के मुताबिक, मामला मीडिया में आने के बाद स्थानीय प्रशासन की नींद टूटी है। आनन-फानन में नगर परिषद की डॉग कैचर वैन को गांव में रवाना किया गया है ताकि खूंखार कुत्तों को पकड़ा जा सके। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन हमेशा किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है और यह कार्रवाई सिर्फ दिखावा है।

अफसरों की लापरवाही से दांव पर जिंदगियां

यह दर्दनाक वाकया साफ तौर पर प्रशासनिक विफलता का नतीजा है। सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के स्थानीय निकायों को 'एनिमल बर्थ कंट्रोल' (ABC) नियमों के तहत आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद, मध्य प्रदेश में जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की इसी लापरवाही की कीमत आज एक 3 साल की मासूम अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़कर चुका रही है।

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