सेहत
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ऑर्गेनिक खेती : बदल रही कृषि की तस्वीर, दुनिया भर में मांग,पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण
दुनियाभर में ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों की मांग पिछले दो दशकों में अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित भोजन की चाहत ने ऑर्गेनिक उत्पादों के बाजार को 106 अरब डॉलर से अधिक का बना दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता आज भी यह नहीं समझते कि ऑर्गेनिक लेबल के पीछे कौन से वैज्ञानिक मानक और प्रमाणन प्रक्रियाएं काम करती हैं।
कोन्जैक : वजन घटाने और ब्लड शुगर कंट्रोल में कारगर हो सकता है कोन्जैक
दुनियाभर में मोटापा और मधुमेह तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याएं बन चुकी हैं। ऐसे में वैज्ञानिकों का ध्यान अब प्राकृतिक खाद्य पदार्थों और पौधों पर केंद्रित हो रहा है। हाल ही में प्रकाशित शोधों में दक्षिण-पूर्व एशिया में सदियों से उपयोग किए जाने वाले पौधे ‘कोन्जैक’ (Konjac) सूरन /जिमीकंद/ओल वजन नियंत्रण, ब्लड शुगर प्रबंधन और कोलेस्ट्रॉल कम करने में संभावित रूप से लाभकारी बताया गया है।
इबोला अलर्ट : विदेश से लौटने वालों की होगी कड़ी जांच, स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर
छत्तीसगढ़ में संभावित इबोला वायरस संक्रमण को देखते हुए शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बिलासपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने विदेश से लौटने वाले यात्रियों की अनिवार्य जांच, थर्मल स्क्रीनिंग और RT-PCR टेस्ट की व्यवस्था की है। सिम्स में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है, जबकि जिला अस्पताल में भी समान व्यवस्था की गई है।
हिंसा का शिकार : किशोरों में बढ़ रही सिगरेट और ई-सिगरेट की लत
एक नई शोध में सामने आया है कि बुलिंग, साइबर बुलिंग, यौन हिंसा और घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं का सामना करने वाले किशोरों में सिगरेट और ई-सिगरेट के इस्तेमाल की संभावना अधिक होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मानसिक तनाव और भावनात्मक आघात से जूझ रहे बच्चे कई बार तंबाकू उत्पादों की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जो आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
रसोई के मसाले : सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत भी बढ़ा सकते हैं,आंत, दिमाग और मेटाबॉलिज्म पर दिखा असर
हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी, अदरक, लाल मिर्च, रोजमेरी और ओरेगैनो जैसे आम मसाले शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद माने जा रहे हैं। नए अध्ययनों में सामने आया है कि इनमें मौजूद पॉलीफेनॉल और एंटीऑक्सीडेंट आंतों के अच्छे बैक्टीरिया, सूजन नियंत्रण, दिमागी सेहत और मेटाबॉलिक हेल्थ को सपोर्ट कर सकते हैं।
मानव रक्त : कोशिकाओं की फैमिली ट्री तैयार, खून में छिपा है 70 करोड़ साल पुराना इतिहास
मानव रक्त कोशिकाओं और प्रतिरक्षा तंत्र की उत्पत्ति लगभग 70 करोड़ वर्ष पुराने एककोशिकीय जीवों से हुई है। शोध में पाया गया कि मैक्रोफेज जैसी प्रतिरक्षा कोशिकाएं प्राचीन जीवों से सबसे अधिक समानता रखती हैं। यह खोज कैंसर और प्रतिरक्षा संबंधी बीमारियों की समझ को नई दिशा दे सकती है
रक्तदान महादान : एक यूनिट रक्त बचा सकती है कई जिंदगियां, लेकिन इन नियमों का रखें ध्यान
रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकता है, लेकिन इसे सुरक्षित तरीके से करना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 18 से 65 वर्ष आयु के स्वस्थ व्यक्ति ही रक्तदान करें, जबकि गर्भवती महिलाएं, कम हीमोग्लोबिन वाले लोग, संक्रमण या गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति रक्तदान से बचें। रक्तदान से पहले पर्याप्त भोजन, पानी और आराम जरूरी है, वहीं रक्तदान के बाद भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। सही तरीके से किया गया रक्तदान न केवल सुरक्षित है, बल्कि कई लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ADHD : केवल बच्चों की समस्या नहीं, बड़ी संख्या में महिलाएं भी प्रभावित
ADHD यानी ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और अत्यधिक सक्रियता से जुड़ा मानसिक विकार को लंबे समय तक केवल बच्चों और पुरुषों से जुड़ी समस्या माना जाता रहा, लेकिन नई रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के अनुसार बड़ी संख्या में महिलाएं भी इससे प्रभावित होती हैं। महिलाओं में इसके लक्षण अक्सर अलग तरीके से दिखाई देते हैं, जैसे बार-बार भूलना, मानसिक थकान, भावनात्मक तनाव, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और समय प्रबंधन में कठिनाई।
LED : 9 महीने के बच्चे की जान बची, फेफड़े में फंसा था खतरनाक LED बल्ब,डॉक्टरों ने बचाई जान
पुणे के आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो-थोरेसिक साइंसेज (AICTS) के डॉक्टरों ने एक 9 महीने के बच्चे की जान बचाते हुए उसके बाएं फेफड़े में गहराई तक फंसे खतरनाक LED बल्ब को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया। बच्चे को सांस लेने में गंभीर दिक्कत हो रही थी और स्थिति जानलेवा बन सकती थी।
ORS : पीने का सही तरीका जानिए, वरना बढ़ सकती हैं स्वास्थ्य समस्याएं
गर्मियों में डिहाइड्रेशन और कमजोरी से बचने के लिए ORS काफी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तेजी से पूरा करता है। डॉक्टरों के अनुसार हल्की कमजोरी या ज्यादा पसीना आने पर दिन में 1 से 2 गिलास ORS पर्याप्त होता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा ORS पीना नुकसानदायक हो सकता है। इसमें मौजूद नमक और शुगर की अधिक मात्रा किडनी, ब्लड प्रेशर और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन पर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ORS को सामान्य एनर्जी ड्रिंक की तरह नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर ही सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।
हृदय रोग : बचाव के लिए कितनी जरूरी है एक्सरसाइज, फिटनेस लेवल बढ़ता है
नई रिसर्च के अनुसार सप्ताह में 560 से 610 मिनट तक एक्सरसाइज करने से हृदय रोगों का खतरा 30% तक कम हो सकता है। विशेषज्ञों ने इसे महत्वपूर्ण बताया, लेकिन 150 मिनट साप्ताहिक गतिविधि को अब भी जरूरी और लाभकारी माना है।
UTI : महिलाओं की बड़ी समस्या, साफ-सफाई में लापरवाही पड़ रही भारी
महिलाओं में UTI का खतरा शारीरिक बनावट, कम पानी पीने, साफ-सफाई की कमी, डायबिटीज, गर्भावस्था और मेनोपॉज जैसे कारणों से बढ़ सकता है। पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब, पेट दर्द, बुखार या कमर दर्द जैसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।