रक्तदान को महादान कहा जाता है किसी दुर्घटना, ऑपरेशन, प्रसव, कैंसर, थैलेसीमिया या अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए रक्त जीवनदायिनी साबित होता है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद लोगों की जान बचा सकता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान को समाज सेवा का सबसे बड़ा माध्यम मानते हैं रक्तदान जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी है इसके नियमों और सावधानियों को समझना। कई लोग बिना पर्याप्त जानकारी के रक्तदान कर देते हैं, जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सही व्यक्ति द्वारा सही तरीके से किया गया रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित होता है।
कौन कर सकता है रक्तदान
सामान्य रूप से 18 से 65 वर्ष आयु के स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदाता का वजन कम से कम 45 से 50 किलोग्राम होना चाहिए। इसके अलावा शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप होना जरूरी है रक्तदान से पहले ब्लड प्रेशर, शरीर का तापमान, वजन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच की जाती है। यदि सभी मानक सामान्य पाए जाते हैं, तभी रक्तदान की अनुमति दी जाती है।
किन लोगों को रक्तदान नहीं करना चाहिए
हर व्यक्ति रक्तदान नहीं कर सकता कुछ स्थितियों में रक्तदान करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है इन लोगों को रक्तदान से बचना चाहिए :-
- जिनका हीमोग्लोबिन कम हो।
- गर्भवती महिलाएं।
- स्तनपान कराने वाली माताएं।
- बुखार, संक्रमण या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति।
- हाल ही में बड़ी सर्जरी कराने वाले लोग।
- अनियंत्रित मधुमेह या गंभीर हृदय रोग से पीड़ित मरीज।
- हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, एचआईवी या अन्य रक्तजनित संक्रमण वाले व्यक्ति।
- हाल ही में टैटू बनवाने या पियर्सिंग कराने वाले लोग (निर्धारित अवधि तक)।
- अत्यधिक कमजोरी या कुपोषण से ग्रस्त व्यक्ति।
रक्तदान से पहले क्या करें
रक्तदान से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े रक्तदान से पहले :-
- अच्छी नींद लें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- पौष्टिक भोजन करें।
- खाली पेट रक्तदान न करें।
- शराब या नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
- अपनी मेडिकल हिस्ट्री डॉक्टर को जरूर बताएं।
- यदि कोई दवा चल रही हो तो इसकी जानकारी भी दें।
रक्तदान से 2 से 3 घंटे पहले हल्का और पौष्टिक भोजन करना सबसे बेहतर है।
रक्तदान के दौरान निम्न बातों का रखें ध्यान
रक्तदान हमेशा अधिकृत ब्लड बैंक या मान्यता प्राप्त शिविर में ही करना चाहिए। रक्त संग्रह के लिए उपयोग की जाने वाली सुई और उपकरण पूरी तरह स्टरलाइज्ड और डिस्पोजेबल होने चाहिए। रक्तदान के दौरान घबराने की जरूरत नहीं होती। सामान्यतः 350 से 450 मिलीलीटर रक्त लिया जाता है, जो शरीर की कुल रक्त मात्रा का बहुत छोटा हिस्सा होता है। यह कमी शरीर कुछ ही दिनों में पूरी कर लेता है।
रक्तदान के बाद क्या करें
- रक्तदान के बाद शरीर को थोड़े आराम की आवश्यकता होती है रक्तदान के बाद :-
- कम से कम 10 से 15 मिनट आराम करें।
- पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें।
- आयरन और प्रोटीन युक्त भोजन करें।
- उसी दिन भारी व्यायाम या वजन उठाने से बचें।
- धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
- यदि चक्कर आए या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत स्वास्थ्यकर्मी को बताएं।
रक्तदान करने से शरीर कमजोर हो जाता है
यह सबसे आम भ्रांतियों में से एक है। डॉक्टरों के अनुसार स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता। शरीर कुछ दिनों में रक्त की मात्रा और कुछ सप्ताह में लाल रक्त कणिकाओं की कमी पूरी कर देता है वास्तव में नियमित स्वास्थ्य जांच और नियंत्रित रक्तदान कई लोगों के लिए लाभदायक भी माना जाता है। हालांकि यह केवल चिकित्सकीय सलाह और निर्धारित अंतराल पर ही किया जाना चाहिए।
कितने समय बाद रक्तदान कर सकते हैं
सामान्यतः पुरुष हर 3 महीने और महिलाएं हर 4 महीने के अंतराल पर रक्तदान कर सकती हैं। हालांकि अंतिम निर्णय चिकित्सकीय जांच और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर लिया जाता है।
रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियाँ
आज भी समाज में रक्तदान को लेकर कई गलत धारणाएं हैं कुछ लोग मानते हैं कि रक्तदान करने से स्थायी कमजोरी आ जाती है या शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन धारणाओं को पूरी तरह गलत बताते हैं वे कहते हैं कि सुरक्षित तरीके से किया गया रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाता है, बल्कि समाज में मानवता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है
जीवन बचाने का सबसे आसान तरीका
यदि हर स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करे तो देश में रक्त की कमी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। एक यूनिट रक्त किसी गंभीर मरीज के लिए नया जीवन साबित हो सकता है। इसलिए यदि आप स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय रूप से योग्य हैं, तो रक्तदान कर किसी की जिंदगी बचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
