Wednesday, 28 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
robbery case: पांच और शातिर बदमाश गिरफ्तार, 17 लाख का माल बरामद Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवाती तूफान अर्नब, कई राज्यों में हाई अलर्ट पर प्रशासन POCSO Case: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 78 साल के प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद, ताउम्र कटेगी जेल में रातें CG Weather Update: रायपुर, महासमुंद समेत कई जिलों में बादलों का डेरा, तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट Naxal Operation: पुलिस ने जमीन के नीचे छिपाकर रखे हथियारों और भारी मात्रा में विस्फोटक किए बरामद Crime News: घर का दरवाजा तोड़कर परिवार पर हमला, JCB से बाइक कुचली, FIR दर्ज robbery case: पांच और शातिर बदमाश गिरफ्तार, 17 लाख का माल बरामद Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवाती तूफान अर्नब, कई राज्यों में हाई अलर्ट पर प्रशासन POCSO Case: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 78 साल के प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद, ताउम्र कटेगी जेल में रातें CG Weather Update: रायपुर, महासमुंद समेत कई जिलों में बादलों का डेरा, तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट Naxal Operation: पुलिस ने जमीन के नीचे छिपाकर रखे हथियारों और भारी मात्रा में विस्फोटक किए बरामद Crime News: घर का दरवाजा तोड़कर परिवार पर हमला, JCB से बाइक कुचली, FIR दर्ज
W 𝕏 f
होम › सेहत › ऑर्गेनिक खेती : बदल रही कृषि की तस्वीर, दुनिया भर…
ऑर्गेनिक खेती के माध्यम से तैयार फसलें, जिनकी मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है
ऑर्गेनिक खेती के माध्यम से तैयार फसलें, जिनकी मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है
सेहत

ऑर्गेनिक खेती : बदल रही कृषि की तस्वीर, दुनिया भर में मांग,पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण

दुनियाभर में ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों की मांग पिछले दो दशकों में अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित भोजन की चाहत ने ऑर्गेनिक उत्पादों के बाजार को 106 अरब डॉलर से अधिक का बना दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता आज भी यह नहीं समझते कि ऑर्गेनिक लेबल के पीछे कौन से वैज्ञानिक मानक और प्रमाणन प्रक्रियाएं काम करती हैं।

क
प्रकाशित: 31 May 2026, 03:19 PM · अपडेट: 14 Oct 2026, 11:35 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
आज दुनिया भर में लोग अपने भोजन को लेकर पहले से कहीं अधिक सजग हो गए हैं। रासायनिक कीटनाशकों, कृत्रिम उर्वरकों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ऑर्गेनिक उत्पादों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। सुपरमार्केट की अलमारियों से लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक ऑर्गेनिक फल, सब्जियां, अनाज, डेयरी उत्पाद और पैकेज्ड फूड तेजी से उपभोक्ताओं की पसंद बन रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऑर्गेनिक उत्पादों की बढ़ती बिक्री के बावजूद अधिकांश लोग यह नहीं जानते कि किसी उत्पाद को वास्तव में ऑर्गेनिक घोषित करने के लिए किन नियमों और वैज्ञानिक मानकों का पालन करना पड़ता है।

20 वर्षों में ऑर्गेनिक बाजार

वैश्विक स्तर पर ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों का बाजार पिछले दो दशकों में तेजी से बढ़ा है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ता ऐसे खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनमें रासायनिक अवशेष कम हों और जिनका उत्पादन पर्यावरण-अनुकूल तरीकों से किया गया हो। इसी कारण ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग अमेरिका, यूरोप, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसे देशों में लगातार बढ़ रही है।  आने वाले वर्षों में भी यह बाजार तेजी से विस्तार करेगा, क्योंकि नई पीढ़ी भोजन की गुणवत्ता और उसके स्रोत को लेकर अधिक जागरूक हो रही है।

ऑर्गेनिक खेती

ऑर्गेनिक खेती एक ऐसी कृषि प्रणाली है जिसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन करना है। इस पद्धति में अधिकांश कृत्रिम रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और खरपतवारनाशकों के उपयोग को सीमित किया जाता है। इसके बजाय प्राकृतिक खाद, जैविक कीट नियंत्रण और फसल चक्र जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना, जैव विविधता को बढ़ावा देना और पर्यावरण पर कृषि के नकारात्मक प्रभाव को कम करना होता है।

ऑर्गेनिक प्रमाणन

किसी भी उत्पाद पर ऑर्गेनिक लेबल लगाने के लिए केवल प्राकृतिक तरीके से खेती करना पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए एक निर्धारित प्रमाणन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। प्रमाणन एजेंसियां खेतों, उत्पादन प्रक्रिया और आपूर्ति श्रृंखला की जांच करती हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उत्पाद वास्तव में जैविक मानकों के अनुरूप है। इस प्रक्रिया में यह देखा जाता है कि खेती के दौरान प्रतिबंधित रसायनों का उपयोग नहीं किया गया है, मिट्टी और जल संरक्षण के नियमों का पालन किया गया है और उत्पादन प्रक्रिया पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप है। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही उत्पाद को ऑर्गेनिक प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।

उपभोक्ताओं में भ्रम

ऑर्गेनिक उत्पादों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, लेकिन कई उपभोक्ता यह मान लेते हैं कि किसी उत्पाद पर ‘ऑर्गेनिक’ लिखा होने का मतलब वह पूरी तरह रसायन-मुक्त और अधिक पौष्टिक है वास्तविकता इससे अधिक जटिल है ऑर्गेनिक लेबल का मतलब यह नहीं है कि उत्पाद में किसी प्रकार का जोखिम बिल्कुल नहीं है, बल्कि इसका अर्थ यह है कि उसका उत्पादन निर्धारित जैविक मानकों के अनुसार किया गया है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए प्रमाणन चिह्न और उत्पाद की विश्वसनीयता की जांच करना महत्वपूर्ण है।

पर्यावरण संरक्षण 

ऑर्गेनिक खेती को पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस पद्धति से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है और रासायनिक प्रदूषण कम होता है। साथ ही यह जैव विविधता को बढ़ावा देती है तथा परागण करने वाले जीवों और लाभकारी कीटों के संरक्षण में मदद करती है। जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच कई विशेषज्ञ ऑर्गेनिक खेती को भविष्य की टिकाऊ कृषि प्रणाली के रूप में देखते हैं।

 स्वास्थ्यवर्धक है

इस विषय पर वैज्ञानिकों के बीच अभी भी शोध जारी है। कुछ अध्ययनों में ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक पाई गई है, जबकि अन्य शोधों में पोषण संबंधी अंतर सीमित बताया गया है। अधिकांश विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि ऑर्गेनिक खेती के माध्यम से उत्पादित खाद्य पदार्थों में रासायनिक अवशेषों का स्तर अपेक्षाकृत कम हो सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग ऑर्गेनिक विकल्पों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग

भारत में भी ऑर्गेनिक खेती और उत्पादों के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है और कई राज्यों में किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसानों के लिए नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें