Health Tips: दिनभर की भागदौड़ और काम के बाद जब रात में बिस्तर पर लेटते हैं, तो थोड़ा सुकून पाना हर किसी का मन होता है। कई लोगों को यह आदत होती है कि वे चैन से सोने के लिए कानों में ईयरबड्स लगाकर धीमी आवाज में गाने, भजन या पॉडकास्ट बजा लेते हैं। शुरुआत में यह तरीका नींद लाने में मददगार लग सकता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही छोटी सी आदत सुबह उठते ही आपके कानों में भारी परेशानी खड़ी कर सकती है?
कानों में दर्द और दबाव की परेशानी
जब आप रातभर ईयरबड्स लगाकर सोते हैं, तो वे लगातार आपके कानों के अंदरूनी और बाहरी हिस्से पर दबाव बनाते रहते हैं। रात में सोते समय जब आप करवट बदलते हैं, तो तकिए और ईयरबड्स के बीच कान का हिस्सा दब जाता है। इससे कान की नाजुक त्वचा पर रगड़ लगती है, सुई जैसी चुभन महसूस होती है और कई बार सुबह उठने पर कान के आसपास तेज दर्द या सूजन भी हो जाती है। यदि आपको भी सुबह उठकर ऐसी तकलीफ महसूस होती है, तो इस आदत में तुरंत बदलाव करना जरूरी है।
कानों में संक्रमण का खतरा
हमारे कान कुदरती तौर पर खुद को साफ और सुरक्षित रखते हैं। लेकिन जब आप घंटों तक कानों में ईयरबड्स ठूंसकर रखते हैं, तो अंदर हवा का आना-जाना रुक जाता है। हवा का बहाव बंद होने से कान के भीतर नमी और पसीना जमा होने लगता है, जो बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए बिल्कुल सही माहौल बना देता है। इसके अलावा, अगर आपके ईयरबड्स साफ नहीं हैं या आप उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर करते हैं, तो कान में गंभीर संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कान में खुजली होना, लगातार जलन रहना या किसी तरह का तरल पदार्थ निकलना इस बात का संकेत है कि मामला बिगड़ रहा है। ऐसे में माचिस की तीली या कॉटन बड जैसी चीजें अंदर डालने के बजाय सीधे डॉक्टर से संपर्क करें।सुनने की क्षमता पर पड़ सकता है असर
ईयरबड्स के जरिए सीधे कान के पर्दे के पास आवाज पहुंचती है। यदि आप लंबे समय तक या पूरी रात कानों में लीड लगाकर सोते रहते हैं, तो इससे सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि आवाज कितनी तेज है और आप कितने घंटों तक ईयरबड्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई लोग सोचते हैं कि अगर आवाज बहुत धीमी है, तो इससे कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन सच तो यह है कि धीमी आवाज भी पूरी रात कान के भीतर बने रहना सुरक्षित नहीं माना जाता है। सबसे समझदारी यही है कि नींद आने से पहले ही इन्हें उतारकर रख दें।
नींद की गुणवत्ता हो सकती है प्रभावित
यकीनन कुछ देर हल्का संगीत सुनने से मन शांत होता है और नींद जल्दी आ जाती है। लेकिन अगर पॉडकास्ट या गाने पूरी रात बिना रुके बजते रहते हैं, तो हमारा दिमाग और कान अंदर ही अंदर उस आवाज को प्रोसेस करते रहते हैं। इससे नींद की गहरी अवस्था टूटती रहती है और सुबह उठने पर ताजगी महसूस होने की बजाय भारीपन, थकान और सुस्ती बनी रहती है। अगर आपको सोने के लिए बैकग्राउंड में कुछ सुनने की आदत है, तो थोड़ी देर गाने बजाकर उसे बंद कर देना ही बेहतर विकल्प है।सोने से पहले अपनाएं ये आसान उपाय
- ऑडियो टाइमर लगाएं: गाने या पॉडकास्ट सुनते समय ऐसा टाइमर सेट करें, जिससे कुछ देर बाद आवाज अपने आप बंद हो जाए।
- कम आवाज में सुनें: ऑडियो की आवाज उतनी ही रखें, जितनी आराम से सुनने के लिए जरूरी हो।
- स्पीकर का इस्तेमाल करें: जरूरत पड़ने पर कम आवाज वाला स्पीकर इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि कानों में ईयरबड्स लगाकर सोना न पड़े।
- ईयरबड्स साफ रखें: इन्हें नियमित रूप से साफ करें और किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें।
- सोने से पहले निकाल दें: कोशिश करें कि नींद आने से पहले ही ईयरबड्स हटा दें।





