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महासमुंद
Pithora Durga Utsav : नवरात्रि को लेकर अंजलि विहार कॉलोनी में उत्साह, भव्य दुर्गा उत्सव और गरबा आयोजन की तैयारियां शुरू
Pithora Durga Utsav: अंजलि विहार कॉलोनी में शारदीय नवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। अंजलि विहार दुर्गा उत्सव समिति द्वारा मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापना, आकर्षक पंडाल और रास-गरबा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति का गठन कर पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
रायपुर
नवरात्रि में भक्तों के लिए खुशखबरी: डोंगरगढ़ के लिए स्पेशल ट्रेन सेवा शुरू
23 से 28 मार्च तक मिलेगी सुविधा, 63 स्टेशनों पर ठहराव
महासमुंद
Keertiman media: रंग विनायक स्पर्धा संपन्न, आकर्षक रंगोली बनाकर गेंदलाल साहू ने जीता प्रथम पुरस्कार, अमिता ने हासिल किया द्वितीय स्थान
Keertiman media: महासमुंद के लोहिया चौक स्थित गणेश पंडाल में कीर्तिमान मीडिया द्वारा आयोजित रंग विनायक स्पर्धा का भव्य आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने भक्ति और संस्कृति के सुंदर रंग बिखेरे। प्रतियोगिता में अपनी अद्भुत 3D गणेश रंगोली से गेंन्दलाल साहू ने प्रथम स्थान हासिल कर ₹1,100 का नकद पुरस्कार अपने नाम किया। वहीं बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अमिता मानिकपुरी ने ₹700 के साथ द्वितीय और काजल गुप्ता ने ₹500 के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा सभी विजेताओं को नगद राशि, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
धर्म
Shardiya Navratri 2026: जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, अष्टमी-नवमी की तिथियां और पूरा कैलेंडर
Shardiya Navratri 2026 का पावन पर्व 11 अक्टूबर से शुरू होगा। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, अष्टमी-नवमी की तिथि और विजयादशमी की तारीख।
महासमुंद
Raas Garba Mahotsav: मां दुर्गा उत्सव और रास-गरबा महोत्सव की तैयारियां शुरू, विधि-विधान से हुआ भूमिपूजन
Raas Garba Mahotsav: पिथौरा के अंजलि विहार कर्मचारी कॉलोनी में मां दुर्गा उत्सव एवं भव्य रास-गरबा महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। समिति द्वारा विधि-विधान से भूमिपूजन कर आयोजन का शुभारंभ किया गया। नवरात्रि के दौरान भव्य पंडाल, धार्मिक कार्यक्रमों और रास-गरबा महोत्सव का आयोजन आकर्षण का केंद्र रहेगा।
रायपुर
CG Forest Department Promotion: 18 रेंजर बने सहायक वन संरक्षक, रायपुर मुख्यालय से जारी हुई पदोन्नति सूची
CG Forest Department Promotion: छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने 18 रेंजरों को पदोन्नति देकर सहायक वन संरक्षक (ACF) बनाया है। रायपुर मुख्यालय से जारी आदेश में पदोन्नत अधिकारियों की सूची जारी की गई है।
धर्म
Dongargarh News: मां बम्लेश्वरी देवी का नाम कैसे पड़ा? इतिहास और परंपरा में अलग-अलग दावे
Dongargarh News: डोंगरगढ़ की प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी के नाम और इतिहास को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। देवी के नाम की उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग मान्यताएं सामने आने के बाद धार्मिक परंपरा, लोकविश्वास और ऐतिहासिक दस्तावेजों को लेकर बहस शुरू हुई है। इस मामले ने डोंगरगढ़ से जुड़ी पुरानी मान्यताओं को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
स्टार्टअप
20 हजार रुपए से शुरू करें धूपबत्ती का स्टार्टअप , घर बैठे हर महीने हो सकती है अच्छी कमाई
छोटे शहरों में पूजा-पाठ, धार्मिक आयोजनों और मंदिरों के कारण धूपबत्ती तथा हवन सामग्री की मांग पूरे साल बनी रहती है। नवरात्रि, सावन, दीपावली और शादी-विवाह के सीजन में इन उत्पादों की बिक्री और बढ़ जाती है। इस स्टार्टअप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे घर के एक छोटे कमरे से भी शुरू किया जा सकता है।
सेहत
बिना चिपचिपी बनेगी साबूदाने की खीर, जानिए स्वाद बढ़ाने वाली खास रेसिपी
सावन और नवरात्रि जैसे व्रतों में पसंद की जाने वाली साबूदाने की खीर कई बार चिपचिपी हो जाती है। कुकिंग एक्सपर्ट नीलम गुप्ता के बताए आसान तरीके से साबूदाने को घी, ताजे नारियल और ड्राई फ्रूट्स के साथ भूनकर खीर बनाई जा सकती है। सही तरीके से भिगोना, दूध और चीनी डालने का सही समय रखने से खीर स्वादिष्ट, मलाईदार और दाने-दाने अलग बनती है।
यात्रा
झरने, गुफाएं, मंदिर और जंगल... कुदरत और संस्कृति का अनूठा संगम, छत्तीसगढ़ के 10 दर्शनीय स्थल
छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों का अनोखा संगम है। चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, तीरथगढ़, कुटुंबसर गुफाएं, सिरपुर, भोरमदेव मंदिर, बारनवापारा अभयारण्य, डोंगरगढ़, गंगरेल बांध और बारसूर-दंतेश्वरी मंदिर राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, जो हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
राजनांदगांव
डोंगरगढ़ : आस्था, इतिहास और आधुनिकता का अद्भुत संगम
छत्तीसगढ़ का डोंगरगढ़ मां बम्लेश्वरी मंदिर के कारण देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इसका इतिहास राजा कामसेन और मां बम्लेश्वरी की स्थापना से जुड़ा है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां भव्य मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशाल पदयात्राएं आयोजित होती हैं, जिनमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
धर्म
आस्था का केंद्र : दंतेश्वरी मंदिर का अद्भुत इतिहास और महिमा, शक्ति, संस्कृति और परंपरा का संगम
दंतेश्वरी मंदिर छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की आस्था, संस्कृति और इतिहास का प्रमुख केंद्र है। शंखिनी और डंकिनी नदियों के संगम पर स्थित यह मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहाँ माता सती का दांत गिरने की मान्यता प्रचलित है। 14वीं शताब्दी में काकतीय वंश के राजा अन्नमदेव द्वारा निर्मित यह मंदिर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला, जनजातीय परंपराओं और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।