Best Yoga for Glowing Skin: आज के समय में बेदाग और चमकती हुई त्वचा पाना हर किसी की चाहत होती है। इसके लिए लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स से लेकर तमाम तरह के घरेलू नुस्खों तक पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई या महंगे क्रीम्स से ज्यादा असरदार आपकी डेली रूटीन का योग हो सकता है? अक्सर हम यही सोचते हैं कि योग केवल वजन घटाने या शरीर को फिट रखने का जरिया है, जबकि यह हमारी त्वचा की सेहत और उसके भीतरी ग्लो का उतना ही बेहतरीन ख्याल रखता है। आइए, आज आपको कुछ ऐसे ही बेहद आसान और असरदार योगासनों के बारे में बताते हैं, जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप बेजान त्वचा को अलविदा कह सकती हैं और नेचुरली खिला-खिला चेहरा पा सकती हैं।
अधो मुख श्वानासन (Downward-Facing Dog Pose)
यह आसन सूर्य नमस्कार का एक बेहद अहम हिस्सा माना जाता है। इसे अपने डेली रूटीन में शामिल करना तन और मन दोनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
- फायदे: इस योगासन को नियमित रूप से करने से शरीर के ऊपरी हिस्से और खासकर चेहरे की तरफ ब्लड सर्कुलेशन यानी रक्त संचार तेजी से बढ़ता है। खून का यह बेहतर संचार चेहरे पर एक अलग ही रौनक और कुदरती चमक लेकर आता है। इसके अलावा, यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, शरीर के निचले हिस्से को मजबूत करने और मानसिक तनाव को दूर रखने में भी बेहद मददगार है।
पश्चिमोत्तानासन (Seated Forward Bend)
पश्चिमोत्तानासन हठ योग का एक बहुत ही पुराना और असरदार आसन है, जिसे अंग्रेजी में 'सीटेड फॉरवर्ड बेंड' भी कहा जाता है। आप चाहें तो इसे सूर्य नमस्कार के ठीक बाद अपनी सुविधा के अनुसार कर सकती हैं।
- फायदे: इस आसन को लगातार करने से पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जो सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद है। साथ ही, यह रीढ़ को मजबूती देता है, पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है, वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है और मन को शांत करके स्ट्रेस को कम करता है।
पश्चिमोत्तानासन करने का सही तरीका
- सबसे पहले जमीन पर योगा मैट बिछाकर अपने दोनों पैरों को सामने की तरफ एकदम सीधा फैलाकर बैठ जाएं।
- अब एक गहरी सांस लें और अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकाना शुरू करें।
- अपनी शारीरिक क्षमता और लचीलेपन के हिसाब से आगे झुकते हुए हाथों से पैरों की उंगलियों या पंजों को पकड़ने की कोशिश करें।
- इस स्थिति में पहुंचते वक्त अपने सिर और नाक को घुटनों से सटाने का प्रयास करें, पर ध्यान रहे कि शरीर पर बहुत ज्यादा जोर न डालें।
- कुछ सेकंड्स तक इसी पोजिशन में सामान्य रूप से सांस लेते हुए रुकें और फिर धीरे-धीरे वापस शुरुआती अवस्था में लौट आएं।
- थोड़ी देर सामान्य सांस लेने के बाद इस पूरी प्रक्रिया को 2 से 3 बार दोहराएं।







