Oldest Woman in Albania: 117 साल की उम्र में भी फिट हैं कामिले मारा, कभी नहीं ली दवा, जानिए लंबी उम्र का राज
Oldest Woman in Albania: अल्बानिया की 117 वर्षीय कामिले मारा अपनी लंबी उम्र और सादगी भरी जीवनशैली को लेकर चर्चा में हैं। परिवार के मुताबिक, उन्होंने कभी दवा नहीं ली। खेती-बाड़ी, बगीचे में टहलना और परिवार के साथ समय बिताना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
प्रकाशित: 15 Oct 2026, 07:47 PM· 5 मिनट पढ़ने का समय
अल्बानिया
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Oldest Woman in Albania: अल्बानिया की 117 वर्षीय कामिले मारा अपनी लंबी उम्र और सादगी भरी जीवनशैली को लेकर चर्चा में हैं। उनका दावा है कि उन्होंने कभी दवा नहीं ली और न ही उन्हें डॉक्टर के पास जाने की जरूरत पड़ी। खेती-बाड़ी, पशुओं की देखभाल और परिवार के बीच बीता उनका जीवन आज भी लोगों के लिए उत्सुकता का विषय बना हुआ है।
यूरोपीय देश अल्बानिया के फेरास गांव में रहने वाली कामिले मारा ने अपनी जिंदगी में कई बड़े ऐतिहासिक बदलाव देखे हैं। ओटोमन शासन के दौर में जन्मीं मारा ने द्वितीय विश्व युद्ध, अल्बानिया में कम्युनिस्ट शासन और उसके बाद के बदलावों को अपनी आंखों के सामने देखा। हालांकि, इतनी लंबी उम्र के बावजूद उन्हें न तो किसी रिकॉर्ड की खास चिंता है और न ही अपनी उम्र को लेकर चर्चा में रहने की इच्छा।
दस्तावेजों में दर्ज है जन्मतिथि
कामिले मारा की जन्मतिथि कई आधिकारिक दस्तावेजों में 19 अगस्त 1909 दर्ज है। इस हिसाब से उनकी उम्र 117 साल हो चुकी है। उनके परिवार का दावा है कि उनकी उम्र की पुष्टि के लिए पर्याप्त दस्तावेज मौजूद हैं। मारा के रिश्तेदारों ने उनका नाम दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित महिला के रूप में दर्ज कराने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से भी संपर्क किया है। परिवार के पास 1945 में जारी जन्म प्रमाण पत्र, 1978 का पासपोर्ट और हाल ही में जारी पहचान पत्र मौजूद हैं। इन सभी में उनकी जन्मतिथि एक जैसी दर्ज है। हालांकि, इतनी अधिक उम्र के दावों की स्वतंत्र पुष्टि करना आसान नहीं होता। ब्रिटेन की एथेल कैटरहैम को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित महिला के रूप में मान्यता दी है। ऐसे में मारा के रिकॉर्ड को लेकर आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
100 साल की उम्र में रोक दी गई थी पेंशन
कामिले मारा के 80 वर्षीय बेटे हायसेन बताते हैं कि उनकी मां की उम्र देखकर स्थानीय अधिकारी भी हैरान रह गए थे। जब वह 100 साल की हुईं, तो अधिकारियों को उनकी जीवित होने की बात पर भरोसा नहीं हुआ और उनकी पेंशन रोक दी गई। हायसेन के मुताबिक, पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए परिवार को गवाहों के बयान सहित कई सबूत पेश करने पड़े। अधिकारियों को यह विश्वास दिलाना आसान नहीं था कि उनकी मां वास्तव में जीवित हैं। इस महीने की शुरुआत में सरकार ने उनकी उम्र को ध्यान में रखते हुए उन्हें विशेष सरकारी पेंशन देने का फैसला किया।
सुबह के काम से लेकर बगीचे की सैर तक, ऐसी है दिनचर्या
कामिले मारा की रोजमर्रा की जिंदगी आज भी काफी साधारण है। वह सुबह जल्दी उठती हैं और घर के आंगन में झाड़ू लगाने के साथ फूलों को पानी देती हैं। इसके बाद मुर्गियों को दाना खिलाती हैं और बैठकर अपनी पसंदीदा कॉफी का आनंद लेती हैं। उनका घर फलों के पेड़ों से घिरा हुआ है। मारा अपने बेटे के साथ बगीचे में टहलने जाती हैं और पके हुए अनार भी तोड़ती हैं। उन्हें तुलसी के पत्ते अपने पास रखना पसंद है, ताकि उनकी खुशबू का आनंद ले सकें। उन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा गांव में बिताया है। वह खुद अनाज उगाती थीं और पशुओं की देखभाल करती थीं। उनकी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों और प्रकृति के साथ समय बिताने की अहम भूमिका रही है।
कभी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ी
कामिले मारा की लंबी उम्र का राज क्या है, इसका कोई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित जवाब फिलहाल सामने नहीं है। हालांकि, उनके बेटे का कहना है कि उनकी मां की सेहत हमेशा अच्छी रही और उन्हें कभी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ी। परिवार के अनुसार, उन्होंने कभी दवा भी नहीं ली। उनकी जीवनशैली को देखते हुए नियमित गतिविधियां, सादा रहन-सहन और प्रकृति के बीच बिताया गया समय उनकी जिंदगी के अहम हिस्से रहे हैं। लेकिन केवल इन आदतों को उनकी लंबी उम्र का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता।
पांच पीढ़ियों को बड़ा होते देखा
कामिले मारा के पति का निधन करीब 36 साल पहले हो गया था। इसके बावजूद वह आज भी उनके साथ बिताए दिनों को याद करके मुस्कुरा उठती हैं। उनकी शादी परिवार की मर्जी से हुई थी, लेकिन वह अपने वैवाहिक जीवन को प्यार और साथ से भरा मानती हैं। उनके सात बच्चे हुए। मारा ने अपने परिवार की पांच पीढ़ियों को बड़ा होते देखा है। परिवार के सदस्यों को शादी करते, नए घर बसाते और जिंदगी में आगे बढ़ते देखना उनके लिए खास अनुभव रहा है। हालांकि, अपने पुराने परिचितों और रिश्तेदारों को खोने का दुख भी उनके साथ है। जब उन्हें उन लोगों की याद आती है जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, तो उनकी आंखें नम हो जाती हैं। वहीं, परिवार के किसी सदस्य का फोन आने पर उनके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आती है।
जवानी की एक तस्वीर आज भी है संभालकर
कामिले मारा के पास अपनी जवानी की एक पुरानी तस्वीर है, जो करीब 100 साल पहले खिंचवाई गई थी। तस्वीर में वह सफेद स्कार्फ पहने नजर आती हैं। खास बात यह है कि आज भी वह इसी तरह का सफेद स्कार्फ पहनती हैं। अपनी तस्वीर को देखकर उन्होंने बताया कि उस समय उनकी उम्र महज 18 साल थी। तस्वीर उनके जीवन के उस दौर की याद दिलाती है, जब आने वाले दशकों में होने वाले बदलावों की शायद उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। 117 साल की उम्र में भी कामिले मारा की जिंदगी परिवार, प्रकृति और छोटी-छोटी खुशियों के इर्द-गिर्द घूमती है। उनकी कहानी लंबी उम्र को लेकर जिज्ञासा जरूर पैदा करती है, लेकिन उनके अनुभवों से यह भी पता चलता है कि जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिया और अपनों का साथ बुढ़ापे में कितनी अहमियत रखता है।