Navratri Fasting Myths: नवरात्र के पावन दिनों में भक्ति और उपासना के साथ-साथ खानपान का तरीका भी पूरी तरह बदल जाता है। इन नौ दिनों के दौरान आम दिनों के भोजन की जगह कुट्टू का आटा, राजगिरा, सामा चावल, फल, शकरकंद और दूध-दही जैसे फलाहारी उत्पाद ले लेते हैं। जहाँ एक ओर लोग इसे धार्मिक निष्ठा से जोड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर एक बड़ा वर्ग नवरात्र के व्रत को बॉडी डिटॉक्स (शरीर की सफाई) और वजन घटाने के एक अच्छे अवसर के रूप में देखता है। लेकिन क्या वाकई व्रत रखने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं या इससे सेहत पर उल्टा असर पड़ता है? आइए, विशेषज्ञों के नज़रिए से सेहत से जुड़ी इन आम धारणाओं की हकीकत समझते हैं।
भ्रम 1: व्रत रखने से शरीर पूरी तरह 'डिटॉक्स' हो जाता है
बहुत से लोगों का मानना है कि नवरात्र में उपवास करने से शरीर की अंदरूनी सफाई हो जाती है। हालाँकि, डॉक्टर्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स का स्पष्ट कहना है कि हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से डिटॉक्सिफिकेशन का अपना एक मजबूत तंत्र (सिस्टम) होता है, जिसमें मुख्य भूमिका लिवर और किडनी निभाते हैं। व्रत रखने मात्र से शरीर से कोई विशेष टॉक्सिन बाहर निकलने का दावा वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। हाँ, अगर आप इस दौरान ताजे फल, हरी सब्जियाँ, ड्राई फ्रूट्स और हल्का खाना लेते हैं, तो इससे शरीर को भरपूर पोषण ज़रूर मिलता है और पाचन तंत्र को थोड़ा आराम मिल जाता है।
भ्रम 2: व्रत से आसानी से कम होता है वजन
एक आम सोच यह भी है कि उपवास रखने से तेजी से वजन घटाया जा सकता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि जब आप कम कैलोरी लेते हैं, तो शुरुआती दिनों में वजन में कुछ गिरावट दिख सकती है। लेकिन यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी थाली में क्या शामिल है। अगर उपवास के नाम पर दिनभर तला-भुना फलाहार, कुट्टू की पकौड़ियां, व्रत वाली नमकीन, साबूदाने के पापड़ और मिठाइयाँ खाई जाएँगी, तो वजन घटने की जगह बढ़ सकता है। इसके अलावा, व्रत के दौरान अचानक कम हुआ वजन अक्सर शरीर का फैट नहीं, बल्कि 'वाटर वेट' (पानी की कमी) होता है।भ्रम 3: जितना लंबा भूखे रहेंगे, उतना जल्दी मिलेगा फायदा
नवरात्र में कई लोग यह सोचकर लंबे समय तक कुछ नहीं खाते कि इससे जल्दी असर दिखेगा। सेहत के लिहाज से यह तरीका बेहद खतरनाक हो सकता है। लंबे समय तक खाली पेट रहने से सिरदर्द, सुस्ती, भयंकर एसिडिटी, डिहाइड्रेशन और बाद में एक ही बार में बहुत ज्यादा खा लेने (ओवरईटिंग) की समस्या होने लगती है। ज़रूरी सलाह: डायबिटीज के मरीज, गर्भवती महिलाएँ, बुजुर्ग और किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों को बिना डॉक्टरी सलाह के उपवास रखने से बचना चाहिए।
फिर क्या है व्रत रखने का सही और स्वस्थ तरीका ?
- संतुलित आहार लें: अपनी डाइट में दूध, छाछ, पनीर, मखाना, रोस्टेड नट्स और मौसमी फलों को शामिल करें।
- पानी की कमी न होने दें: दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी या नींबू पानी पीते रहें ताकि ऊर्जा बनी रहे।
- पोर्शन कंट्रोल पर ध्यान दें: एक बार में भारी खाना खाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी देर में हल्का फलाहार लें।







