सात्विक और भक्तिमय माहौल बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी: पालिका अध्यक्ष
बैठक में अपनी बात रखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कवर्धा की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा:
"कवर्धा नगर हमेशा से अपनी धार्मिक मान्यताओं और आस्था के लिए पहचाना जाता रहा है। यहाँ मां विंध्यवासिनी, मां महामाया, मां दंतेश्वरी और मां सिंहवाहिनी जैसे प्रसिद्ध शक्तिपीठ स्थित हैं, जहाँ नवरात्रि के दिनों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु परिवार सहित दर्शन-पूजन के लिए पहुँचते हैं। ऐसे समय में धार्मिक स्थलों के आसपास पवित्र, सात्विक और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना हम सभी का सामाजिक दायित्व है।"
उन्होंने कारोबारियों द्वारा दिखाए गए सकारात्मक रवैये की सराहना की और प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
व्यापारियों ने पेश की सौहार्द की मिसाल, दिया पूरा समर्थन
प्रशासन की इस पहल का अंडा और बिरयानी विक्रेताओं ने खुले दिल से स्वागत किया। बैठक में मौजूद व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि वे आस्था और त्योहार की गरिमा का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने नगर पालिका द्वारा निर्धारित किए जाने वाले नए अस्थायी वेंडिंग जोन में ही अपनी दुकानें स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्षद संजीव कुर्रे और एल्डरमेन राजेन्द्र सलूजा समेत नगर के अनेक गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी पक्षों के बीच बनी इस आपसी समझ की नगर में काफी तारीफ हो रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ ट्रैफिक व्यवस्था भी होगी सुदृढ़
मंदिर परिसरों से इन दुकानों के हटने का सीधा फायदा दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा। एक तरफ जहाँ पूजा-अर्चना के लिए शांत और पवित्र वातावरण तैयार होगा, वहीं दूसरी ओर मंदिर की संकरी गलियों और मुख्य सड़कों पर भीड़ को नियंत्रित करना आसान हो जाएगा। इससे त्योहार के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बाधित नहीं होगी और आवाजाही सुगम रहेगी।
जल्द जारी होगी नए स्थलों की सूची
हालांकि, नगर पालिका की ओर से अभी नए वेंडिंग स्थलों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि कारोबारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही नए अस्थायी स्थानों का चयन कर सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी।







