प्रकाशित: 07 Oct 2026, 11:33 AM· 4 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
स्रोत: स्वयं रिपोर्ट
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Navratri: नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होते ही चारों ओर भक्ति और उत्साह का माहौल छा गया है। अगर आप इस नवरात्रि देवी दर्शन के साथ-साथ किसी शांत और आध्यात्मिक स्थान पर समय बिताने की सोच रहे हैं, तो छत्तीसगढ़ आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। प्राकृतिक सुंदरता और प्राचीन धरोहरों से समृद्ध यह राज्य देवी साधना का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। अगर आप इस पावन अवसर पर यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो छत्तीसगढ़ के इन 5 प्रसिद्ध और सिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन ज़रूर करें:
माँ बमलेश्वरी मंदिर (डोंगरगढ़, राजनांदगांव)
छत्तीसगढ़ में नवरात्रि का जिक्र होते ही सबसे पहला नाम डोंगरगढ़ के माँ बमलेश्वरी मंदिर का आता है। करीब 1600 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर आस्था और स्थापत्य कला का अनोखा संगम है।
क्या है खास:यहाँ बड़ी बमलेश्वरी माँ का मंदिर पहाड़ की चोटी पर है और नीचे छोटी बमलेश्वरी माँ विराजती हैं। ऊपर पहुँचने के लिए सीढ़ियों के अलावा रोप-वे (Cable Car) की सुविधा भी उपलब्ध है। नवरात्रि के दौरान यहाँ विशाल मेला लगता है और लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
माँ महामाया मंदिर (रतनपुर, बिलासपुर)
बिलासपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित रतनपुर का महामाया मंदिर प्रदेश के सबसे प्राचीन शक्तिपीठों में से एक है। कलचूरी राजवंश द्वारा निर्मित यह मंदिर अपनी वास्तुकला और धार्मिक मान्यता के लिए मशहूर है।
क्या है खास: नवरात्रि में यहाँ हजारों की संख्या में 'मनोकामना ज्योति कलश' प्रज्वलित किए जाते हैं। मान्यता है कि यहाँ सच्चे दिल से माँगी गई हर मुराद पूरी होती है।
माँ दंतेश्वरी मंदिर (दंतेवाड़ा, बस्तर)
बस्तर की अधिष्ठात्री देवी माँ दंतेश्वरी का मंदिर शंखिनी और डंकिनी नदियों के पवित्र संगम पर बसा है। इसे 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।
क्या है खास:यहाँ की नवरात्रि परंपरा बहुत अनोखी है। सदियों पुरानी आदिवासी संस्कृति और पौराणिक मान्यताओं का संगम यहाँ के बस्तर दशहरा और नवरात्रि उत्सव में साफ देखने को मिलता है। इतिहास और धर्म में रुचि रखने वालों के लिए यह जगह बहुत खास है।
माँ चंद्रहासिनी मंदिर (चंद्रपुर, जांजगीर-चांपा)
महानदी के तट पर स्थित चंद्रपुर का माँ चंद्रहासिनी मंदिर अपनी प्राकृतिक छटा और धार्मिक महत्ता के कारण काफी प्रसिद्ध है।
क्या है खास: नदी के किनारे बसे होने के कारण यहाँ का वातावरण बेहद शांत और मनमोहक रहता है। मंदिर परिसर में रामायण और महाभारत काल से जुड़ी विभिन्न पौराणिक कथाओं को झांकियों के रूप में दर्शाया गया है, जो श्रद्धालुओं का मन मोह लेती हैं।
माँ कौशल्या मंदिर (चंदखुरी, रायपुर)
राजधानी रायपुर के पास स्थित चंदखुरी का माँ कौशल्या मंदिर पूरे भारत में अपने आप में इकलौता और बेहद खास धार्मिक स्थल है।
क्या है खास:यह दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहाँ भगवान श्रीराम की माता कौशल्या की पूजा होती है। जलसेन तालाब के बीचों-बीच स्थित यह सुंदर मंदिर 'राम वन गमन पथ' का भी एक प्रमुख हिस्सा है। नवरात्रि के समय जल के बीच बसे इस मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है।
यात्रा के लिए काम की सलाह:
कैसे पहुंचे:राज्य की राजधानी रायपुर में हवाई अड्डा (स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट) और प्रमुख रेलवे स्टेशन स्थित है, जहाँ से आप आसानी से टैक्सियों या बसों के ज़रिए इन सभी स्थानों तक पहुँच सकते हैं।
सही समय:नवरात्रि में इन मंदिरों में भीड़ ज्यादा रहती है, इसलिए यदि आप आराम से दर्शन करना चाहते हैं तो सुबह तड़के या आरती के समय पहुँचने का प्रयास करें।