Sunday, 04 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
CG Crime News: बिलासपुर में पत्नी से मारपीट, गर्भस्थ शिशु की मौत,  आरोपी पति गिरफ्तार Murder Case: जमीन विवाद में बेटे ने की पिता की हत्या, आरोपी बेटा गिरफ्तार Raipur Jeweller Theft: कर्ज चुकाने के लिए ज्वेलर्स में चोरी, मास्टरमाइंड समेत 2 आरोपी गिरफ्तार Road Accident: कुसमुंडा खदान में दो ट्रेलर की भिड़ंत, एक चालक की मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल Child Health: कुपोषण के खिलाफ धरमजयगढ़ में बढ़ी स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता Dhamtari Suicide Case: युवक ने उठाया खौफनाक कदम, पत्नी पर 25 लाख मांगने का आरोप CG Crime News: बिलासपुर में पत्नी से मारपीट, गर्भस्थ शिशु की मौत,  आरोपी पति गिरफ्तार Murder Case: जमीन विवाद में बेटे ने की पिता की हत्या, आरोपी बेटा गिरफ्तार Raipur Jeweller Theft: कर्ज चुकाने के लिए ज्वेलर्स में चोरी, मास्टरमाइंड समेत 2 आरोपी गिरफ्तार Road Accident: कुसमुंडा खदान में दो ट्रेलर की भिड़ंत, एक चालक की मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल Child Health: कुपोषण के खिलाफ धरमजयगढ़ में बढ़ी स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता Dhamtari Suicide Case: युवक ने उठाया खौफनाक कदम, पत्नी पर 25 लाख मांगने का आरोप
W 𝕏 f
होम › सेहत › Heart Attack in Young Age: 40 की उम्र से पहले भी …
Heart attack risk before 40 ( Image Source - AI Generated )
Heart attack risk before 40 ( Image Source - AI Generated )
सेहत

Heart Attack in Young Age: 40 की उम्र से पहले भी हो सकता है हार्ट अटैक, इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

Heart Attack in Young Age: 40 साल की उम्र से पहले भी हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। हाई BP, बढ़ा कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, डायबिटीज, धूम्रपान, तनाव और खराब लाइफस्टाइल इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

क
प्रकाशित: 04 Oct 2026, 04:59 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Heart Attack in Young Age: अक्सर लोगों के मन में यह धारणा बनी रहती है कि दिल से जुड़ी बीमारियां सिर्फ ढलती उम्र या बुजुर्गों की समस्या हैं। 20 से 30 साल के युवा आमतौर पर खुद को इस खतरे से पूरी तरह सुरक्षित मान बैठते हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में सामने आए आंकड़े और मामले एक अलग ही तस्वीर पेश करते हैं। अब कम उम्र और मध्यम आयु वर्ग के लोगों में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

क्या हैं इस खतरे की मुख्य वजहें ?

  • अनियमित जीवनशैली: लगातार मानसिक तनाव, शारीरिक गतिविधि की कमी, जंक फूड और नींद पूरी न होना। 
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और डायबिटीज। 
  • बुरी आदतें: धूम्रपान और नशा।

क्या युवाओं के लिए ईसीजी जैसी एडवांस जांचें जरूरी हैं ?

नियमित ब्लड प्रेशर चेकिंग ब्लड शुगर (डायबिटीज) टेस्ट लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल की जांच) यदि किसी व्यक्ति का रिस्क फैक्टर ज्यादा हो या परिवार में दिल की बीमारी की हिस्ट्री रही हो, तो डॉक्टर की सलाह पर HbA1c, लिपोप्रोटीन-A [Lp(a)], या ApoB जैसी विशेष जांचों पर विचार किया जा सकता है। सीने में दर्द, सांस फूलना, अचानक तेज धड़कन या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखने पर ही एडवांस कार्डियक टेस्ट कराए जाने चाहिए।

20 से 30 की उम्र में क्यों बढ़ रहा है रिस्क ? 

डोंबिवली स्थित एम्स हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. लक्ष्मण गायकवाड़ के अनुसार, आज के दौर में काम का भारी दबाव, कसरत न करना, बढ़ता वजन और असंतुलित खानपान कम उम्र में ही हाई बीपी और शुगर की नींव रख देते हैं। शुरुआत में इनके कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए शुरुआती उम्र से ही सेहत के प्रति सतर्क रहना जरूरी है। इसके अलावा, कुछ लोगों में आनुवंशिक (Genetic) कारणों से भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर स्वाभाविक रूप से काफी अधिक हो सकता है। ऐसे में वयस्क होते ही नियमित रूप से बेसिक हेल्थ चेकअप कराना समझदारी है।

पारिवारिक इतिहास (Family History) होने पर क्या करें ?

यदि आपके माता-पिता या परिवार में किसी को कम उम्र में हार्ट अटैक या दिल की बीमारी रही हो, तो आपका जोखिम सामान्य से अधिक हो जाता है। ऐसी स्थिति में: बीपी और कोलेस्ट्रॉल की जांच कम उम्र से ही शुरू कर दें। आनुवंशिक कोलेस्ट्रॉल संबंधी जांचों के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें। जीवनशैली को अनुशासित रखें और खानपान पर नियंत्रण रखें।

किन चेतावनी संकेतों को कभी न करें नजरअंदाज ? 

40 साल से कम उम्र के लोगों को निम्नलिखित लक्षणों का आभास होते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए: सीने में भारीपन, दबाव या दर्द: विशेषकर यदि यह दर्द कंधों, हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैले। बिना किसी शारीरिक मेहनत के अचानक तेज पसीना आना। सांस लेने में तकलीफ होना या चक्कर आना। अचानक दिल की धड़कन का बहुत तेज या अनियमित महसूस होना। यह सोचना कि मेरी उम्र अभी कम है, मुझे कुछ नहीं हो सकता एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। हर युवा को महंगे और विशेष टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है, लेकिन बीपी, शुगर, वजन और खानपान पर नियंत्रण रखकर भविष्य के एक बड़े खतरे से आसानी से बचा जा सकता है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें