Swine Flu: मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू (H1N1) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में संक्रमण के नए मामले सामने आने के साथ ही मौतों का सिलसिला भी चिंता बढ़ा रहा है। हाल ही में राजधानी भोपाल के मीनल रेसीडेंसी इलाके के रहने वाले बुजुर्ग राम सिंह की स्वाइन फ्लू के कारण मौत हो गई। राज्य में इस सीजन में स्वाइन फ्लू से जुड़ी यह तीसरी मौत दर्ज की गई है। तेजी से फैल रहा यह संक्रमण अब स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू से मौत का पहला मामला अगस्त के महीने में आया था, जब इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती उज्जैन की 62 वर्षीय महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
स्वाइन फ्लू के साथ कोविड से पीड़ित महिला की मौत
इसके बाद सितंबर की शुरुआत में इंदौर में ही इलाज करा रही एक अन्य महिला की मौत हुई, जो स्वाइन फ्लू के साथ-साथ कोविड-19 से भी पीड़ित थीं। अब भोपाल के राम सिंह की मौत के बाद प्रदेश में इस बीमारी से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 3 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग राम सिंह को इन्फ्लूएंजा ए (एच1एन1) संक्रमण के कारण गंभीर रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम और एक्यूट रेस्पिरेटरी फेलियर की समस्या हो गई थी। वह पहले से ही हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे।
सितंबर के शुरूआती दिनों में ही 43 मरीज पॉजिटिव
भोपाल में संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया है। अब तक शहर में 232 संदिग्ध सैंपलों की जांच की जा चुकी है। चिंता की बात यह है कि अकेले सितंबर के शुरुआती दिनों में ही 43 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। वहीं, 1 जनवरी 2026 से लेकर अब तक भोपाल में स्वाइन फ्लू के कुल 65 पुष्ट मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
स्वाइन फ्लू (H1N1) के प्रमुख लक्षण
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और लापरवाही न बरतें। स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं:
तेज बुखार आना
लगातार खांसी और गले में खराश
पूरे शरीर और मांसपेशियों में तेज दर्द
अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना
सिरदर्द
नाक बहना या बंद होना
उल्टी, दस्त या पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं

