Cough Warning Signs: मौसम में बदलाव आते ही सर्दी-खांसी जैसी समस्याएं घर-घर में देखने को मिलने लगती हैं। अक्सर लोग इसे आम मौसमी बदलाव समझकर टाल देते हैं या फिर मेडिकल स्टोर से सीधे कफ सिरप खरीदकर पी लेते हैं। कुछ लोगों को तो इससे राहत मिल जाती है, लेकिन कई बार हफ्तों बीत जाने के बाद भी खांसी खत्म होने का नाम नहीं लेती। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खांसी असल में हमारे शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली (डिफेंस मैकेनिज्म) है।
इसका मुख्य काम सांस की नली से धूल-मिट्टी, बलगम और अन्य अवांछित तत्वों को बाहर निकालना होता है। आमतौर पर वायरल इन्फेक्शन या हल्की एलर्जी के कारण होने वाली खांसी खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है। लेकिन अगर खांसी लंबे समय तक टिक जाए, तो यह फेफड़ों या शरीर की किसी अन्य गंभीर बीमारी की ओर इशारा हो सकती है।
जब खांसी 3 से 4 हफ्ते से ज्यादा चले
अगर आपकी खांसी 3-4 हफ्तों से लगातार बनी हुई है, तो इसे केवल मौसमी असर मानकर बैठने की भूल न करें। लंबे समय तक रहने वाली खांसी अस्थमा, फेफड़ों के गंभीर संक्रमण या टीबी (तपेदिक) का संकेत हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर से परामर्श लेकर चेस्ट एक्स-रे और अन्य जरूरी जांचें तुरंत करानी चाहिए।
बलगम में खून दिखाई देना
खांसते समय ज्यादा बलगम आना और खासतौर पर उसमें खून के अंश दिखना चिंताजनक स्थिति है। यह स्थिति ब्रोंकिएक्टेसिस, गंभीर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन या टीबी का लक्षण हो सकती है। धूम्रपान करने वाले लोगों में बलगम के साथ खून आना फेफड़ों के ट्यूमर का भी संकेत हो सकता है।
खांसते समय ज्यादा बलगम आना और खासतौर पर उसमें खून के अंश दिखना चिंताजनक स्थिति है। यह स्थिति ब्रोंकिएक्टेसिस, गंभीर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन या टीबी का लक्षण हो सकती है। धूम्रपान करने वाले लोगों में बलगम के साथ खून आना फेफड़ों के ट्यूमर का भी संकेत हो सकता है।
सांस फूलना और सीने में घरघराहट
अगर खांसते वक्त सांस लेने में तकलीफ हो, सीने में भारीपन या जकड़न महसूस हो, अथवा सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज (घरघराहट) आए, तो यह अस्थमा, सीओपीडी (COPD) या निमोनिया का लक्षण हो सकता है। यदि सांस बहुत ज्यादा फूले, होंठ नीले पड़ने लगें या ऑक्सीजन लेवल गिरे, तो बिना देर किए इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें।

