अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत महासमुंद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। करीब 10 माह से फरार चल रहे गांजा तस्करी के मुख्य आरोपी और वाहन मालिक कंभूपानी बिशोई को ओडिशा के गंजाम जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर 190 किलोग्राम गांजा की तस्करी करने और एक सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मौत से जुड़े गंभीर आरोप हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक 22 जुलाई 2025 को थाना खल्लारी क्षेत्र के हाड़ाबंद ओवरब्रिज के पास एक संदिग्ध कार की गतिविधियों की सूचना मिली थी। जांच में पता चला कि कार में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कार चालक अमूल्य बिशोई ने तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद गांजा और वाहन छोड़कर फरार हुए आरोपी
दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार की तलाशी लेने पर उसमें लगभग 190 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल गांजा और वाहन को जब्त कर लिया तथा एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले ने उस समय पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तस्करी में इस्तेमाल की गई कार का मालिक कंभूपानी बिशोई है। वह अपने भाई और मुख्य परिवहनकर्ता अमूल्य बिशोई के साथ लंबे समय से फरार था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश तेज कर दी।पहले पकड़ा गया मुख्य परिवहनकर्ता अमूल्य बिशोई
लगातार की जा रही कार्रवाई के तहत महासमुंद पुलिस ने 7 अप्रैल 2026 को ओडिशा से अमूल्य बिशोई को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली, जिसके बाद फरार वाहन मालिक कंभूपानी बिशोई की तलाश और तेज कर दी गई। पुलिस को हाल ही में सूचना मिली कि कंभूपानी बिशोई ओडिशा के गंजाम जिले के चिल्का क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना खल्लारी और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे महासमुंद लाया गया, जहां आगे की पूछताछ की जा रही है।
न्यायालय में पेश कर भेजा जाएगा न्यायिक रिमांड पर
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों में कार्रवाई की जा रही है। आवश्यक पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं और गांजा की खेप किस स्थान तक पहुंचाई जानी थी। महासमुंद पुलिस ने बताया कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एंड-टू-एंड कार्रवाई की रणनीति अपनाई जा रही है। इस अभियान के तहत अब तक 36 प्रकरणों में स्रोत से लेकर गंतव्य तक पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा कर कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी नशा तस्करों के खिलाफ इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके।
