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Night leg cramps(Image Source: AI Photo)
Night leg cramps(Image Source: AI Photo)
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Night Leg Cramps: रात में अचानक पैरों में पड़ती है ऐंठन? इन बीमारियों का हो सकता है संकेत, जानें तुरंत राहत के उपाय

Night Leg Cramps: पैरों में ऐंठन आम समस्या है, जो मांसपेशियों की थकान, डिहाइड्रेशन, बढ़ती उम्र या इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से हो सकती है। बार-बार क्रैम्प्स डायबिटीज, किडनी, थायरॉयड या नसों से जुड़ी समस्याओं का संकेत भी हो सकते हैं। ऐंठन होने पर स्ट्रेचिंग, हल्की मालिश, गर्म सिकाई और पानी पीने से राहत मिल सकती है।

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प्रकाशित: 04 Sep 2026, 12:42 PM · अपडेट: 20 Oct 2026, 10:06 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Night Leg Cramps: सोते समय अचानक पिंडली, पैर या पंजे की मांसपेशियों में तेज दर्द के साथ ऐंठन पड़ना काफी आम समस्या है। इसे नाइट लेग क्रैम्प्स (Night Leg Cramps) कहा जाता है। ऐंठन इतनी तेज हो सकती है कि नींद खुल जाती है और कुछ समय तक पैर में दर्द या जकड़न बनी रहती है। यह समस्या खासकर बढ़ती उम्र के लोगों, गर्भवती महिलाओं और कुछ पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में अधिक देखने को मिलती है। ज्यादातर मामलों में यह गंभीर नहीं होती, लेकिन अगर पैरों में ऐंठन बार-बार होने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे डिहाइड्रेशन, मांसपेशियों की थकान, कुछ दवाओं का असर या किसी स्वास्थ्य समस्या की भूमिका हो सकती है।

रात में पैरों में ऐंठन क्यों होती है?

रात में होने वाली ऐंठन मांसपेशियों के अचानक और अनैच्छिक रूप से सिकुड़ने के कारण होती है। कई बार इसका कोई एक स्पष्ट कारण पता नहीं चलता, लेकिन कुछ स्थितियां इसका खतरा बढ़ा सकती हैं। लंबे समय तक खड़े रहना दिनभर ज्यादा शारीरिक मेहनत करना मांसपेशियों में थकान लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहना बढ़ती उम्र शरीर में पानी की कमी अत्यधिक व्यायाम कुछ मामलों में मांसपेशियों और नसों के बीच होने वाले न्यूरोमस्कुलर कंट्रोल में बदलाव भी रात की ऐंठन से जुड़ा हो सकता है। 

मैग्नीशियम-पोटैशियम की कमी?

पैरों में ऐंठन होने पर अक्सर लोग इसे मैग्नीशियम, पोटैशियम या कैल्शियम की कमी से जोड़ते हैं।  हालांकि हर व्यक्ति में क्रैम्प्स का कारण इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो, यह जरूरी नहीं है। फिर भी ज्यादा पसीना आना, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन, अत्यधिक व्यायाम और कुछ किडनी संबंधी समस्याओं में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन ऐंठन का खतरा बढ़ा सकता है। ऐसे में बिना जांच के सप्लीमेंट लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

क्रैम्प्स से जुड़ी बीमारियां

1. डायबिटीज डायबिटीज के लंबे समय तक रहने पर नसों को नुकसान पहुंच सकता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इससे पैरों में दर्द, झनझनाहट और कभी-कभी मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या हो सकती है।
2. किडनी की बीमारी किडनी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर यह संतुलन बिगड़ सकता है और पैरों में जकड़न या ऐंठन की शिकायत हो सकती है।
3. थायरॉयड की समस्या खासकर हाइपोथायरॉयडिज्म में मांसपेशियों में जकड़न, कमजोरी और क्रैम्प्स जैसी समस्या देखने को मिल सकती है।
4. परिधीय धमनी रोग पैरों में रक्त का प्रवाह कम होने पर दर्द और ऐंठन हो सकती है। कुछ लोगों में यह परेशानी चलने या आराम के समय भी महसूस हो सकती है। 
5. नसों से जुड़ी समस्या रीढ़ की हड्डी या पैरों की नसों पर दबाव पड़ने से भी मांसपेशियों में ऐंठन, दर्द या असामान्य संवेदनाएं हो सकती हैं। 

अचानक ऐंठन पड़ जाए तो तुरंत क्या करें?

अगर रात में अचानक पैर में क्रैम्प पड़ जाए तो कुछ आसान उपाय राहत दे सकते हैं— 
  • पैर को स्ट्रेच करें: पिंडली में ऐंठन होने पर पैर को सीधा रखते हुए पंजे को धीरे-धीरे अपनी ओर खींचें। 
  • हल्की मालिश करें: प्रभावित मांसपेशी पर धीरे-धीरे मसाज करने से तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। 
  • कुछ कदम चलें: ऐंठन कम होने पर धीरे-धीरे चलने से मांसपेशी रिलैक्स हो सकती है। 
  • गर्म सिकाई करें: गर्म तौलिया या हीट पैड से प्रभावित हिस्से की सिकाई राहत दे सकती है।
  • पानी पिएं: अगर शरीर में पानी की कमी क्रैम्प्स की वजह है तो पर्याप्त मात्रा में पानी लेना जरूरी है। कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए? कभी-कभार होने वाली पैरों की ऐंठन आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। 
लेकिन अगर क्रैम्प्स बार-बार होने लगें, बहुत ज्यादा दर्द हो, लंबे समय तक बने रहें, नींद लगातार प्रभावित हो या इसके साथ पैरों में कमजोरी, सुन्नपन, सूजन अथवा अन्य लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। रात में पैरों में ऐंठन को हमेशा सिर्फ थकान या शरीर में किसी विटामिन की कमी मानना सही नहीं है। सही कारण का पता लगाकर ही लंबे समय तक इससे राहत पाई जा सकती है।
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