डिजिटल युग में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक पढ़ाई के तरीकों के साथ अब सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे आधुनिक माध्यम भी छात्रों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में श्री सांई कोचिंग की डायरेक्टर द्वय डॉ. रंजना दुबे और लव दुबे ने कीर्तिमान के जनरल मैनेजर गिरधारी राजू साहू से मुलाकात के दौरान शिक्षा के बदलते आयामों पर विस्तार से चर्चा की।
डॉ. रंजना का मानना है कि आज सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रह गया
है, यह जानकारी के आदान-प्रदान का एक सशक्त प्लेटफॉर्म बन
चुका है। महानगरों में जहां शैक्षणिक और व्यावसायिक सूचनाएं बड़े पैमाने पर सोशल
मीडिया के माध्यम से प्रसारित होती हैं, वहीं छोटे शहरों और
कस्बों में इसकी कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने कहा कि ऐसे में
कीर्तिमान जैसे प्लेटफॉर्म की पहल सराहनीय है, जिसने इस अंतर
को काफी हद तक पाटने का कार्य किया है।
उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान समय में शिक्षा
केवल किताबों तक सीमित नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के
लिए अब डिजिटल संसाधनों का उपयोग अनिवार्य हो गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के
जरिए ताजा जानकारी और अपडेट मिलते हैं।
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और रणनीतियों तक भी सीधी पहुंच संभव हो
पाती है। इससे छात्रों की तैयारी अधिक प्रभावी और लक्ष्य केंद्रित बनती है।
लव दुबे ने बताया कि उनके संस्थान में नीट, जेईई, आईसीएआर,
सीयूईटी, पीएटी और एनडीए जैसी प्रमुख
परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि आज के
प्रतिस्पर्धी माहौल में पारंपरिक नोट्स पर्याप्त नहीं हैं,
छात्रों को समय के साथ भी चलना होगा। एआई आधारित टूल्स,
ऑनलाइन टेस्ट सीरीज, वीडियो लेक्चर और डिजिटल
एनालिटिक्स जैसे संसाधन छात्रों की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि एआई के माध्यम से छात्रों
की कमजोरियों का विश्लेषण कर उन्हें व्यक्तिगत मार्गदर्शन देना अब संभव हो गया है।
इससे छात्र अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें सुधार सकते हैं और बेहतर प्रदर्शन कर
सकते हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया के जरिए करियर विकल्पों की जानकारी, कॉलेजों
की अपडेट और परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं भी आसानी से प्राप्त हो जाती
हैं।