शहर के बहुप्रतीक्षित सितली नाला कायाकल्प को लेकर अब एक ठोस जनआंदोलन का रूप दिखाई देने लगा है। पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. विमल चोपड़ा ने कीर्तिमान के संस्थापक डॉ. नीरज गजेंद्र से मुलाकात के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षों से लोगों का सपना रहा है कि सितली नाला अविरल, स्वच्छ और निर्मल बने, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हो सकी थी।
डॉ.
चोपड़ा ने कहा कि स्वाध्याय केन्द्र समिति ने आगे बढ़कर अविरल सितली, निर्मल सितली अभियान की शुरुआत की।
इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें आम नागरिक, सामाजिक और
राजनीतिक संगठन पूरी तन्मयता से जुड़ रहे हैं। लोग श्रमदान, अंशदान
और समयदान के जरिए भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने
बताया कि सितली नाला की सफाई और सौंदर्यीकरण के प्रयास पिछले एक दशक से चल रहे थे, लेकिन बजट और प्रशासनिक कारणों से
काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था। अब जनसहयोग के बल पर इस दिशा में तेजी आई है। वर्तमान
में नाले की सफाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और हाईवे से भलेसर रोड तक पहले
चरण में काम शुरू कर दिया गया है।
परियोजना
के तहत नाले के दोनों ओर सड़कों का निर्माण दानदाताओं के सहयोग से किया जा रहा है। पचरी और पिचिंग कार्य जल्द शुरू होने
वाला है, जबकि फिलहाल मिट्टी कार्य जारी है। आने वाले समय
में यहां गार्डन और वॉकिंग स्ट्रीट विकसित करने की भी योजना है, जिससे यह क्षेत्र शहर के लिए एक आकर्षक सार्वजनिक स्थल बन सके।
स्वाध्याय
केन्द्र समिति द्वारा समाजसेवी स्वर्गीय अशोक चौरड़िया की स्मृति में चलाए जा रहे
इस अभियान के अंतर्गत विशेष श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। समिति के अनुसार नाले
की सफाई लगभग पूर्ण हो चुकी है, जबकि स्टॉप डैम के ऊपर पुल
निर्माण और सड़क समतलीकरण का कार्य प्रगति पर है। इस अभियान में कई लोगों ने अपनी
निजी जमीन तक स्वेच्छा से सड़क निर्माण के लिए उपलब्ध कराई, जो
जनसहयोग की अनूठी मिसाल है।

