छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। सिंघोड़ा पुलिस ने उड़ीसा से महाराष्ट्र की ओर जा रहे एक ट्रक से करीब 6 क्विंटल (600 किलोग्राम) अवैध गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र के एक बुजुर्ग अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस महानिरीक्षक और महासमुंद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लगातार चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान, सिंघोड़ा पुलिस को मुखबिर से एक बेहद सटीक इनपुट मिला। सूचना थी कि ओडिशा की तरफ से आ रही एक लाल रंग की टाटा माजदा गाड़ी (क्रमांक MH-46-CU-6060) में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही ANTF और सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल एक्शन मोड में आते हुए एनएच-53 पर स्थित मुरमुरी चौक के पास घेराबंदी कर दी।
मशीनरी के नीचे छिपाई थीं 24 बोरियां
जैसे ही संदिग्ध वाहन मुरमुरी चौक के पास पहुंचा, पुलिस ने उसे रोक लिया। शुरुआती पूछताछ में चालक ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और बताया कि गाड़ी में कंपनी की मशीनरी और वैध सामान लोड है।
तस्करी का नया पैंतरा: जब पुलिस ने कड़ाई से वाहन की सघन तलाशी ली, तो ऊपर तो मशीनरी और बड़े-बड़े कार्टून रखे थे, लेकिन उनके ठीक पीछे और नीचे काले रंग की त्रिपाल बिछी हुई थी। त्रिपाल हटाते ही पुलिस के होश उड़ गए। वहां 24 प्लास्टिक की बोरियां छिपाई गई थीं, जिनमें से प्रत्येक में 25-25 किलोग्राम गांजा (कुल 600 किलो) भरा हुआ था।
ओडिशा से महाराष्ट्र के ठाणे में खपाने की थी तैयारी
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान महबूब बादशाह शेख (65 वर्ष), निवासी अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह यह गांजा ओडिशा के बौद्ध जिले से लेकर आ रहा था और इसे महाराष्ट्र के ठाणे और मुंबई के आस-पास के इलाकों में ऊंचे दामों पर खपाने की योजना थी।
आगे का अपडेट: 'बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज' खंगाल रही है पुलिस
पुलिस ने आरोपी महबूब बादशाह शेख के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की धारा 20(b)(ii)(C) के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामग्रियां जब्त की हैं:
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 3 करोड़ रुपये मूल्य का 600 किलोग्राम गांजा, 12 लाख रुपये की टाटा माजदा गाड़ी, 10 हजार रुपये नगद और 5 हजार रुपये का
स्मार्टफोन सहित कुल 3 करोड़ 12 लाख 15 हजार रुपये का मशरूका (सामान) जब्त किया है।
जांच के नए बिंदु:
ओडिशा का सप्लायर कौन? पुलिस अब आरोपी के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) और वित्तीय लेन-देन को खंगाल रही है ताकि ओडिशा के बौद्ध जिले के उस मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके, जिसने इतनी बड़ी खेप सप्लाई की थी।
महाराष्ट्र के खरीदार रडार पर: ठाणे और मुंबई में यह माल किसे डिलीवर होना था, पुलिस की एक विशेष टीम उन स्थानीय ड्रग पेडलर्स की भी सूची तैयार कर रही है।
अधिकारियों का बयान
"तस्कर अब पुलिस से बचने के लिए कॉर्पोरेट लॉजिस्टिक्स और कंपनी के सामान की आड़ ले रहे हैं। लेकिन हमारा सूचना तंत्र बेहद मजबूत है। छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। नशीले पदार्थों के इस पूरे नेटवर्क (सिंडिकेट) को ध्वस्त करने तक हमारी यह कार्रवाई जारी रहेगी।"
— वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, महासमुंद जिला।
