Wednesday, 15 Jul 2026 भारत
ब्रेकिंग
पर्यटकों की लापरवाही : तीरथगढ़ जलप्रपात में बढ़ा पानी, नियम तोड़ने वाले पर्यटकों को रोकने पर हुआ विवाद दिल्ली लक्ष्मी योजना: महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये, रक्षाबंधन पर होगी शुरुआत ममूरा अग्निकांड : ई-बाइक की चिंगारी से मची तबाही, नोएडा में दो लोगों की मौत रफ्तार का कहर : टैंकर की टक्कर से मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत अंधविश्वास : गड़े धन के लालच में कारोबारी की हत्या नदी किनारे दफन मिला शव, नरबलि हत्याकांड कोर्ट रूम में काला जादू : जज की कुर्सी पर छिड़के दाने, महिला गिरफ्तार पर्यटकों की लापरवाही : तीरथगढ़ जलप्रपात में बढ़ा पानी, नियम तोड़ने वाले पर्यटकों को रोकने पर हुआ विवाद दिल्ली लक्ष्मी योजना: महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये, रक्षाबंधन पर होगी शुरुआत ममूरा अग्निकांड : ई-बाइक की चिंगारी से मची तबाही, नोएडा में दो लोगों की मौत रफ्तार का कहर : टैंकर की टक्कर से मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत अंधविश्वास : गड़े धन के लालच में कारोबारी की हत्या नदी किनारे दफन मिला शव, नरबलि हत्याकांड कोर्ट रूम में काला जादू : जज की कुर्सी पर छिड़के दाने, महिला गिरफ्तार
W 𝕏 f
होम राजनीति सियासत : क्या केजरीवाल का ‘सबसे भरोसेमंद’ सांसद ह…
ग्राफिक्स
ग्राफिक्स
राजनीति Featured

सियासत : क्या केजरीवाल का ‘सबसे भरोसेमंद’ सांसद ही निकला सूत्रधार

एक इंटरव्यू में विक्रम साहनी ने दावा किया कि उन्होंने खुद अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर संभावित राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में पहले ही आगाह कर दिया था। उनके मुताबिक, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि कुछ सांसद इस्तीफा देते हैं तो दलबदल विरोधी कानून के तहत आवश्यक संख्या जुटाना आसान हो जाएगा।

कीर्तिमान ब्यूरो
कीर्तिमान ब्यूरो
26 Apr 2026, 05:43 PM
नई दिल्ली

आम आदमी पार्टी (AAP) की राजनीति इन दिनों एक नए विवाद के केंद्र में आ गई है। पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद विक्रम साहनी के दावों ने न सिर्फ नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष simmer कर रहा था।

एक इंटरव्यू में साहनी ने दावा किया कि उन्होंने खुद अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर संभावित राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में पहले ही आगाह कर दिया था। उनके मुताबिक, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि कुछ सांसद इस्तीफा देते हैं तो दलबदल विरोधी कानून के तहत आवश्यक संख्या जुटाना आसान हो जाएगा। साहनी के इन बयानों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पार्टी नेतृत्व को पहले से अंदरूनी टूट की जानकारी थीहालांकि, इन दावों पर अब तक AAP नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 

भरोसेमंद से बागी की कहानी

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि साहनी को पार्टी नेतृत्व के करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता था। ऐसे में उनका इस तरह खुलकर सामने आना AAP के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। साहनी ने यह भी दावा किया कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को समय के साथ किनारे कर दिया गया, जिससे असंतोष बढ़ा। खासकर चुनावी हार के बाद संगठन में बदलाव और नई टीम के उभार ने पुराने नेताओं में नाराजगी पैदा की।

 AAP का पलटवार

AAP नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “राजनीतिक साजिश” बताया है। पार्टी का कहना है कि जनादेश के साथ किसी भी तरह का विश्वासघात स्वीकार नहीं किया जाएगा। साहनी ने संकेत दिए हैं कि यह मामला कानूनी मोड़ ले सकता है और जरूरत पड़ने पर संवैधानिक संस्थाओं तक भी जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्राथमिक लक्ष्य जनता की सेवा है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें