देश के प्रमुख जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट सुमित अंतिल ने अपने ही कोच पर गंभीर आरोप लगाते हुए खेल जगत में हलचल मचा दी है। मामला अब भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) तक पहुंच चुका है और इसकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों ने जिस कोच पर आरोप लगाए हैं, उन्हें 2015 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। शिकायत में कहा गया है कि कोच द्वारा खिलाड़ियों और उनके परिवारों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और अनुशासनहीन व्यवहार किया गया।
नीरज चोपड़ा ने क्या कहा?
नीरज चोपड़ा ने अपने शिकायती पत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस तरह के व्यवहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं। उन्होंने लिखा कि:
“मैं एक एथलीट के तौर पर यह शिकायत दर्ज कर रहा हूं, जिसने देश का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया है। खेल में गरिमा, अनुशासन और सम्मान बेहद जरूरी है। कोच द्वारा दिए गए बयान न केवल गलत हैं बल्कि बेहद शर्मनाक भी हैं। मेरे, मेरे परिवार और साथी खिलाड़ियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जिसे सुनकर मैं बेहद आहत और हैरान हूं।”
नीरज ने आगे यह भी कहा कि वह अपने साथी खिलाड़ियों के साथ खड़े हैं और इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।
सुमित अंतिल ने भी लगाए आरोप
पैरालंपिक खिलाड़ी सुमित अंतिल ने भी कोच के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि अब स्थिति उनकी सहनशक्ति से बाहर हो चुकी है।
सुमित के अनुसार, उन्होंने पहले भी कई बार स्थिति को संभालने और समझाने की कोशिश की थी, लेकिन व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। उन्होंने अपनी शिकायत के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग और ईमेल जैसे सबूत भी सौंपे हैं।
सुमित ने कहा कि वे हमेशा साफ-सुथरे और अनुशासित एथलीट रहे हैं और किसी विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे, लेकिन अब मामला गंभीर हो चुका है।
आगे क्या होगा?
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों की शिकायत को संबंधित खेल महासंघ के पास भेजा जा रहा है। वहां से आगे की जांच और कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है।
इस विवाद ने भारतीय खेल जगत में अनुशासन, कोचिंग व्यवहार और एथलीट-कोच संबंधों पर एक नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।
