मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने शिक्षा व्यवस्था और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंबाह क्षेत्र के रहने वाले 20 वर्षीय छात्र ऋतिक दंडोतिया ने बोर्ड परीक्षा में असफल होने के बाद कथित तौर पर मौत को गले लगा लिया। घटना माताबसैया थाना क्षेत्र के कोतवाल डैम के समीप की है। मृतक की शिनाख्त ऋतिक दंडोतिया के रूप में हुई है, जो अंबाह शिक्षा विभाग में पदस्थ शैलेंद्र दंडोतिया के पुत्र थे। जानकारी के मुताबिक, ऋतिक ने इस वर्ष 12वीं की बोर्ड परीक्षा दी थी। जब परिणाम घोषित हुआ, तो ऋतिक सभी विषयों में अनुत्तीर्ण (फेल) रहा।
परिजनों के अनुसार, परिणाम आने के बाद से ही ऋतिक गुमसुम था और गहरे मानसिक तनाव में दिखाई दे रहा था। घटना वाले दिन वह अपनी स्कूटी लेकर घर से निकला था, लेकिन जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। बाद में उसका शव कोतवाल डैम के पास संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही माताबसैया थाना पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
मर्ग कायम: पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है।
जांच के बिंदु: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या छात्र ने तनाव में आकर आत्मघाती कदम उठाया या मौत का कोई और कारण था।
परिजनों के बयान: पुलिस मृतक के परिजनों और दोस्तों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पहले की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
भावुक और हृदयस्पर्शी
- एक मार्कशीट के लिए बुझ गया घर का चिराग: मुरैना में 12वीं के छात्र ऋतिक ने परीक्षा में असफल होने पर दी जान।
- रिजल्ट का 'खौफ' और एक अधूरी कहानी: 20 साल के ऋतिक की मौत ने शिक्षा व्यवस्था और मानसिक दबाव पर खड़े किए सवाल।
