भारत-नेपाल सीमा पर इन दिनों निगरानी और जांच काफी कड़ी कर दी गई है, जिससे आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई व्यक्ति भारत से नेपाल 100 नेपाली रुपये (लगभग 62 भारतीय रुपये) से अधिक मूल्य का सामान लेकर जाता है, तो उसे कस्टम ड्यूटी चुकानी होगी। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो सीमा पर तैनात नेपाली आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के जवान उस सामान को जब्त कर सकते हैं।
इस नियम के दायरे में रोजमर्रा के कई सामान भी आ रहे हैं। हालांकि ताजे फल और सब्जियों को कुछ हद तक छूट दी जा रही है, लेकिन केले, सेब, आटा, दाल, चावल, तेल, कोल्ड ड्रिंक और अन्य पैक्ड खाद्य पदार्थों को लेकर सख्ती बरती जा रही है। इससे खासतौर पर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है, जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सीमा पार आवाजाही करते हैं।
अधिक सामान पर शुल्क
पिछले कुछ दिनों में नेपाल सरकार ने उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और सिक्किम से लगने वाले सभी बॉर्डर प्वाइंट्स पर इस नियम को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। कई जगहों पर यात्रियों को लाइन में लगाकर उनके सामान की जांच की जा रही है और निर्धारित सीमा से अधिक सामान पर शुल्क लिया जा रहा है।
तस्करी पर रोक लगाने की कोशिश
इस मुद्दे पर भारत सरकार ने भी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को इस स्थिति की जानकारी है और नेपाल द्वारा उठाए गए कदमों को अनौपचारिक व्यापार और तस्करी पर रोक लगाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस सख्ती से स्थानीय लोगों को हो रही परेशानियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

किया जा सकता है प्रक्रिया को और सख्त
सूत्रों के अनुसार, सीमा पर तैनात भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस मुद्दे को नेपाली अधिकारियों के सामने उठाया है। साथ ही यह भी संकेत मिले हैं कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रहती है, तो भारत की ओर से भी जांच प्रक्रिया को और सख्त किया जा सकता है।
फिलहाल, सीमा पार करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और नियमों की जानकारी रखने की सलाह दी जा रही है, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
फल-सब्जियों में छूट क्यों?
ताज़ी फल-सब्ज़ियों को कुछ राहत इसलिए:
- ये जल्दी खराब होती हैं
- आम लोगों की रोज़मर्रा की जरूरत हैं
- इनसे बड़े स्तर की तस्करी कम होती है

