उत्तर प्रदेश हापुड़ जिले के पिलखुवा क्षेत्र के अर्जुन नगर में सोमवार को प्रकृति के प्रकोप और भीषण गर्मी ने एक भयावह रूप ले लिया। मोदीनगर रोड स्थित एक खाली प्लॉट पर अवैध रूप से बसी झुग्गियों में लगी भीषण आग ने न केवल सैकड़ों गरीबों के आशियाने छीन लिए, बल्कि पास स्थित व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। धुएं के काले गुबार और सिलेंडरों के धमाकों ने पूरे इलाके को युद्ध के मैदान में बदल दिया।
आग का तांडव और सिलेंडर धमाके
दोपहर के समय जब गर्मी अपने चरम पर थी, अचानक झुग्गियों से आग की लपटें उठने लगीं। झुग्गियों के आसपास भारी मात्रा में रखे प्लास्टिक, कबाड़ और ज्वलनशील पदार्थों ने आग के लिए 'ईंधन' का काम किया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 100 से अधिक झुग्गियां जलकर राख हो गईं।
घटनास्थल पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब घरों में रखे रसोई गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे। इन धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि दृश्य इतना खौफनाक था कि लोग अपनी जान बचाने के लिए नंगे पैर ही सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
करोड़ों का व्यावसायिक नुकसान
आग की लपटें केवल झुग्गियों तक सीमित नहीं रहीं। तेज हवाओं के कारण आग पास की फैक्ट्रियों तक फैल गई। इस अग्निकांड में:
दो कपड़े के बड़े गोदाम पूरी तरह जल गए।
एक ट्रांसपोर्ट कार्यालय और उसमें रखा रिकॉर्ड जलकर खाक हो गया।
अनुमान है कि इस हादसे में व्यापारियों को करोड़ों रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: 6 घंटे की जंग
हापुड़ और पड़ोसी जिलों से दमकल की 9 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। बचाव कार्य के दौरान फायरमैन नवीन कुमार झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि समय रहते लोगों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी की जान नहीं गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अजय कुमार शर्मा ने बताया कि टीम ने सूझबूझ से करीब 120 अन्य झुग्गियों और पास के रिहायशी मकानों को जलने से बचा लिया।
प्रशासनिक जांच और सुरक्षा पर सवाल
जांच में यह बात सामने आई है कि ये झुग्गियां पिछले कई वर्षों से अवैध रूप से बसी हुई थीं। वहां बिजली के अवैध कनेक्शन (कटिया) धड़ल्ले से चल रहे थे। इसके अलावा, जिन गोदामों में आग लगी, उनके पास न तो फायर एनओसी (NOC) थी और न ही आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम। प्रशासन अब इन संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने की तैयारी में है।
दमकल विभाग को मिली नई शक्ति
जिले में आग की बढ़ती घटनाओं के बीच दमकल विभाग को 22 हजार लीटर की क्षमता वाला एक नया 'वॉटर टेंडर' प्रदान किया गया है। यह आधुनिक वाहन 25 से 30 मिनट तक लगातार पानी की बौछार करने में सक्षम है, जिससे भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने में मदद मिलेगी।

