मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है और पूरा प्रदेश झुलसाने वाली लू का सामना कर रहा है। अप्रैल महीने की शुरुआत से ही तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और अब कई इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब या उससे ऊपर पहुंचने लगा है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे दिन के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
प्रदेश के कई जिलों में हालात सबसे ज्यादा खराब बने हुए हैं। छतरपुर जिले का खजुराहो क्षेत्र सबसे अधिक गर्म रिकॉर्ड किया गया, जहां तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ग्वालियर, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, रायसेन, नर्मदापुरम, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर जैसे जिलों में भी गर्म हवाओं का प्रकोप लगातार जारी है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।
डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ी
गर्म हवाओं के चलते बाजारों में भी भीड़ कम देखी जा रही है और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की राहत भी देखने को मिली है। महू में बीते दिनों तेज बारिश दर्ज की गई, वहीं भोपाल के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी ने तापमान को थोड़ी राहत दी। इसी तरह सीहोर और रतलाम में हुई बारिश के कारण मौसम कुछ हद तक सुहावना हुआ और लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत मिली।
बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 27 अप्रैल से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अगले तीन दिनों तक आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे। 28 और 29 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग में बारिश होने के आसार हैं।
इसके अलावा, राजस्थान और गुजरात से आने वाली गर्म हवाओं के कारण तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी तेज गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है, ताकि बच्चों को लू के असर से बचाया जा सके।

