तुमगांव क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। राशन की जानकारी लेकर घर लौट रही चित्ररेखा सेन को एक तेज रफ्तार और लापरवाही से चलती मोटरसाइकिल (क्र. CG-04-J-4338) ने जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा आदर्श फैंसी स्टोर्स के पास हुआ, जिसने एक सामान्य दिन को दर्दनाक दुर्घटना में बदल दिया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि चित्ररेखा सेन को कमर, दोनों जांघ, पीठ और सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद उन्हें शासकीय अस्पताल तुमगांव ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें महासमुंद के सोहम हॉस्पिटल रेफर किया। वहां इलाज के बाद उन्हें फिर तुमगांव स्थित माँ चण्डी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां लंबा उपचार चला। करीब डेढ़ महीने के इलाज के बाद 20 मार्च 2026 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली, लेकिन शारीरिक और मानसिक पीड़ा अब भी बनी हुई है।
गंभीर चोटों ने बदली जिंदगी
इस दुर्घटना में चित्ररेखा सेन को कमर में गहरी चोट, दोनों जांघ और पीठ में गंभीर घाव, और सिर में चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, ऐसी चोटों से उबरने में लंबा समय लग सकता है, जिससे उनके दैनिक जीवन और कामकाज पर गहरा असर पड़ा है।
पहचान के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
पीड़िता ने घटना के तुरंत बाद थाना तुमगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 41/26, दिनांक 10 फरवरी 2026 के तहत मामला दर्ज किया, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में वाहन अज्ञात बताया गया। बाद में मोटरसाइकिल (CG-04-J-4338) की पहचान हो जाने के बावजूद अब तक वाहन की जब्ती या आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
यह स्थिति न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पीड़िता के लिए न्याय की राह को भी कठिन बना रही है।
प्रशासन से गुहार, मुआवजे की मांग
चित्ररेखा सेन ने कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग करते हुए निवेदन किया है कि संबंधित वाहन को जल्द जब्त किया जाए और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही, उन्होंने अपने इलाज और अन्य खर्चों के लिए उचित मुआवजा दिलाने की भी मांग की है।
कानूनी विशेषज्ञों की राय
कानूनी जानकारों का कहना है कि जब किसी दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान हो जाती है, तो उसकी तत्काल जब्ती और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई जरूरी होती है। देरी न केवल न्याय प्रक्रिया को कमजोर करती है, बल्कि पीड़ित के अधिकारों का भी हनन करती है।

