छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध नशे के विरुद्ध चलाई जा रही मुहिम के तहत नेवई पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मरोदा क्षेत्र में दबिश देकर एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जो अपने ही नाबालिग बेटे को अपराध की दुनिया में धकेल कर उसके साथ मिलकर गांजे की तस्करी कर रही थी।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की घेराबंदी
यह पूरी कार्रवाई 28 अप्रैल को अंजाम दी गई। नेवई पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि बजरंगपारा स्टेशन मरोदा इलाके में एक महिला अपने नाबालिग बेटे के साथ भारी मात्रा में गांजा लेकर ग्राहकों की तलाश में खड़ी है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने गंभीरता दिखाई और त्वरित कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठन किया।
पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से गवाहों को साथ लेकर इलाके की घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, संदिग्धों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें चारों तरफ से घेर कर धर दबोचा।
जब्ती और शिनाख्त
पूछताछ के दौरान पकड़ी गई महिला की पहचान फूलेश्वरी सोनवानी उर्फ जकड़ी (44 वर्ष) के रूप में हुई है। तलाशी लेने पर उनके पास से 1.442 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने गांजे के साथ ही बिक्री के 800 रुपये नकद भी जब्त किए हैं।
कानूनी कार्रवाई और जेल
पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
मुख्य आरोपी महिला: फूलेश्वरी सोनवानी को पुलिस ने गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे केंद्रीय जेल, दुर्ग भेज दिया गया है।
नाबालिग बेटा: आरोपी के नाबालिग बेटे को कानून के प्रावधानों के तहत बाल संप्रेक्षण गृह, पुलगांव भेजा गया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि महिला यह नशीला पदार्थ कहां से लाती थी और इस काले कारोबार में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस कार्रवाई से इलाके के नशे के सौदागरों में हड़कंप मच गया है।
