छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में फिल्मी अंदाज में रास्ता रोककर एक चिल्हर व्यापारी से लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चार नकाबपोश बदमाशों ने कट्टे की नोंक पर व्यापारी को बंधक बनाया और नकदी समेत मोबाइल लूटकर रफूचक्कर हो गए।
साजिश के तहत रोका रास्ता
पीड़ित संतोष गुप्ता (45 वर्ष), जो सरगुजा जिले के सीतापुर के निवासी हैं, पेशे से चिल्हर व्यापारी हैं। मंगलवार को वे अपने सहायक नंदकिशोर दास के साथ पिकअप लेकर ग्राम चाल्हा और रूवांफूल की ओर महुआ, धान और चावल की खरीदी के लिए निकले थे। शाम के समय जब वे व्यापार निपटाकर वापस कापू की ओर लौट रहे थे, तभी ग्राम रामपुर के पास लम्ती नाला डेम के मुख्य मार्ग पर बदमाशों ने उन्हें जाल में फंसा लिया।
अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए सड़क के बीचों-बीच एक भारी लकड़ी रख दी थी। जैसे ही गाड़ी रुकी और हेल्पर नंदकिशोर लकड़ी हटाने के लिए नीचे उतरा, घात लगाकर बैठे नकाबपोश शिकारी बाहर निकल आए।
हथियार के बल पर लूटपाट और बदसलूकी
दो बाइकों पर सवार होकर आए चार नकाबपोशों ने व्यापारी संतोष गुप्ता को घेर लिया। बदमाशों ने तुरंत कट्टा (पिस्तौल) निकालकर संतोष के सिर पर अड़ा दिया और जान से मारने की धमकी दी। दहशत के बीच बदमाशों ने व्यापारी के पास मौजूद बैग से 50 हजार रुपए की नकदी छीन ली।
लूट की वारदात यहीं खत्म नहीं हुई; बदमाशों ने गाड़ी के टूल बॉक्स की तलाशी ली और सबूत मिटाने या पीछा न किए जाने के उद्देश्य से संतोष का मोबाइल फोन और गाड़ी की चाबी भी लूट ली। इसके बाद आरोपी खम्हार मार्ग की ओर तेजी से फरार हो गए।
जांच में जुटी पुलिस
घटना के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे एक बाइक सवार ने पीड़ित की मदद की। उस राहगीर ने पुष्टि की कि उसने दो बाइकों पर नकाबपोश युवकों को खम्हार रोड की ओर भागते देखा है। रात के अंधेरे और दहशत के कारण पीड़ित ने अगले दिन धरमजयगढ़ थाने पहुँचकर आपबीती सुनाई।
पुलिस की कार्रवाई: धरमजयगढ़ पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। क्षेत्र में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस टीम आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि लुटेरों का सुराग लगाया जा सके।
इस घटना ने क्षेत्र के व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
