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सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं कब्जा
सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं कब्जा
छत्तीसगढ़

भू-माफिया की दबंगई : रिंग तालाब कब्जा, निगम कर्मियों को धमकी देने वाले आजाद इराकी पर FIR दर्ज

अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में रिंग बांध तालाब की सरकारी जमीन पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि कूटरचित मृत्यु प्रमाण पत्र और फर्जी रजिस्ट्री के माध्यम से जमीन पर कब्जा किया गया और मिट्टी डालकर उसे समतल करने की कोशिश की गई। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नगर निगम की टीम भेजी, लेकिन मौके पर कुछ लोगों ने काम में बाधा डाली और कर्मचारियों को धमकाने का आरोप लगा। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 03 May 2026, 11:02 AM · अपडेट: 01 Nov 2026, 10:19 PM
अंबिकापुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में सरकारी जमीनों और जल निकायों पर भू-माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे अब प्रशासनिक कार्रवाई रोकने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को सरेआम धमकाने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। ताजा मामला नए बस स्टैंड के समीप स्थित रिंग बांध (तालाब) की जमीन का है, जहाँ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करने और कार्रवाई के दौरान निगम कर्मचारियों को पीटने की धमकी देने के आरोप में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।

फर्जीवाड़े से रची गई कब्जे की साजिश

जानकारी के अनुसार, शहर के रिंग बांध तालाब की बेशकीमती जमीन को फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे अपने नाम कराने का खेल खेला गया। आरोप है कि कथित जमीन मालिक आजाद इराकी ने जालसाजी कर इस सरकारी जमीन की रजिस्ट्री करवाई और रातों-रात तालाब के बड़े हिस्से को मिट्टी डालकर समतल करना शुरू कर दिया। इस अवैध कब्जे की शिकायत स्थानीय निवासियों, समाजसेवियों और राजनीतिक दलों द्वारा लगातार प्रशासन से की जा रही थी।

कार्रवाई के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा और धमकी

शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम कल सुबह तालाब से अवैध मिट्टी हटाने पहुँची थी। जब जेसीबी ऑपरेटर और निगम के कर्मचारी अपना काम कर रहे थे, तभी आजाद इराकी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुँचा और जमकर हंगामा किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि भू-माफिया किस तरह निगम कर्मियों को काम रोकने के लिए धमका रहा है, उन्हें मारने-पीटने और जेल भिजवाने की धमकी दे रहा है। सरेआम सरकारी काम में बाधा डालने और कर्मचारियों को डराने का यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिससे प्रशासन की काफी किरकिरी हुई।

कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई

मामला बढ़ते देख सरगुजा कलेक्टर ने तत्काल कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। नगर निगम कमिश्नर की शिकायत पर पुलिस ने आजाद इराकी सहित दो लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और धमकी देने के विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

सियासी और सामाजिक दबाव

इस मुद्दे पर लंबे समय से विरोध के स्वर मुखर थे। हाल ही में भाजपा नेता और समाजसेवी कैलाश मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फर्जी रजिस्ट्री का पर्दाफाश किया था और कलेक्टर से जांच की मांग की थी। वहीं, कांग्रेस पार्षद शुभम जायसवाल ने भी अंबिकापुर के सभी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम चलाने की अपील की है। इससे पहले प्रशासन ने 'भाथू तालाब' में एक होटल संचालक द्वारा किए गए अतिक्रमण पर भी बुलडोजर चलाकर कड़ा संदेश दिया था।

बड़ा सवाल: विभाग के 'विभीषणों' पर कब गिरेगी गाज?

प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद जनता के बीच एक बड़ा सवाल बना हुआ है। बिना राजस्व विभाग और रजिस्ट्री कार्यालय के अधिकारियों की मिलीभगत के किसी तालाब की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री संभव नहीं है।

  • क्या मृत व्यक्तियों के फर्जी प्रमाण पत्र की जांच होगी?

  • उन अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी जिन्होंने इस संदिग्ध रजिस्ट्री पर मुहर लगाई?

  • क्या केवल माफिया पर FIR काफी है या तंत्र की सफाई भी की जाएगी?

निष्कर्ष: रिंग बांध तालाब को कब्जा मुक्त कराने की यह मुहिम शहर के पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन असली न्याय तभी होगा जब इस सिंडिकेट में शामिल सफेदपोश चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस वीडियो के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।

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