राजधानी के कबीर नगर इलाके से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मदद के नाम पर एक ऑटो चालक ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। जिस सवारी को लोग सुरक्षित मानकर घर पहुँचने का जरिया समझते हैं, वही एक युवती के लिए खौफनाक मंजर बन गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
गुमशुदगी से शुरू हुआ मामला
घटनाक्रम की शुरुआत 23 अप्रैल की दोपहर को हुई, जब पीड़ित युवती बिना किसी को बताए अपने घर से निकल गई थी। काफी खोजबीन के बाद जब वह नहीं मिली, तो परिजनों ने थाना कबीर नगर में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट (क्रमांक 20/26) दर्ज कराई। पुलिस और परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे थे।
25 अप्रैल को जब युवती वापस मिली, तो उसकी आपबीती सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए। युवती ने बताया कि वह रास्ता भटक गई थी और यदुवंशी चौक के पास तालाब किनारे पहुँच गई। रात के करीब 8 से 9 बजे के बीच उसने घर पहुँचने के लिए एक ऑटो को रुकवाया और चालक से पता पूछा।

भरोसे का कत्ल और वारदात
युवती की लाचारी का फायदा उठाते हुए आरोपी ऑटो चालक ने उसे घर छोड़ने का झांसा दिया। वह उसे उसके गंतव्य पर ले जाने के बजाय बहला-फुसलाकर एक सुनसान इलाके में स्थित खाली मकान में ले गया। वहाँ आरोपी ने युवती के साथ जबरदस्ती की और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(2), और 351(2) के तहत अपराध क्रमांक 93/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीसीपी वेस्ट जोन संदीप पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त ईशु अग्रवाल के मार्गदर्शन में पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और घटनास्थल के आसपास के साक्ष्यों को खंगाला।
तकनीकी साक्ष्यों और घेराबंदी के जरिए पुलिस ने आरोपी पंकज पांडे (35 वर्ष) को कबीर नगर के लालमती अस्पताल के पास से धर दबोचा। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

