भारत और नेपाल के बीच व्यापार और यात्रा में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है। नेपाल की सीमा पर तैनात नेपाली आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) अब 100 नेपाली रुपये (लगभग 62 भारतीय रुपये) से अधिक का सामान ले जाने पर कस्टम ड्यूटी वसूल कर रही है। इसके अलावा, भारत ने अपनी सीमा पर एक नई पहल शुरू की है, जिसमें फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) को लागू किया जा रहा है।
यह फेस रिकग्निशन सिस्टम भारत-नेपाल के प्रमुख 22 बॉर्डर पाइंट्स में से एक, उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। इस सिस्टम के तहत, दोनों देशों के आने-जाने वाले लोगों की तस्वीरें ली जाएंगी, जिससे उनकी यात्रा का डेटा भारत सरकार के पास संरक्षित रहेगा। इसका उद्देश्य लोगों की यात्रा की पूरी हिस्ट्री ट्रैक करना है, ताकि भविष्य में उनकी पहचान और यात्रा आसान हो सके।
खाने-पीने के सामान पर शुल्क नहीं
नेपाल की तरफ से, कस्टम ड्यूटी की सूची जारी की गई है, जिसमें खाने-पीने के सामान सहित अन्य वस्तुओं पर किस तरह की शुल्क वसूली जाएगी, इसका विस्तृत विवरण दिया गया है। यह सूची 659 पेजों की है, जिसमें विभिन्न वस्तुओं की कस्टम ड्यूटी की जानकारी दी गई है।
भारत से नेपाल यात्रियों कठिनाई
इस बीच, भारतीय सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) अपनी सामान्य ड्यूटी के तहत, बिना किसी बदलाव के यात्रियों की जांच कर रहा है। भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों को थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन नेपाल से भारत आने में अभी कोई खास दिक्कत नहीं हो रही है।
एक महत्वपूर्ण कदम
भारत सरकार का उद्देश्य फेस रिकग्निशन सिस्टम को लागू कर दोनों देशों के बीच आने-जाने वाले लोगों का डेटा ट्रैक करना है। इस प्रणाली से सुरक्षा बढ़ाने और विभिन्न प्रकार की कस्टम ड्यूटी वसूली को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह दोनों देशों के बीच सीमापार यात्रा और व्यापार के नियंत्रण में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, लेकिन यात्रियों को कस्टम ड्यूटी और अन्य जांच प्रक्रियाओं के चलते नए बदलावों का सामना करना पड़ सकता है।

