मध्य पूर्व के बिगड़ते हालात के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की यूएई यात्रा और वहां राष्ट्रपति से हुई मुलाकात इस बात का संकेत है कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर रणनीतिक कदम उठा रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक में भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ बदलते क्षेत्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की गई।
यूएई में भारतीय दूतावास द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दी गई जानकारी के अनुसार, डोभाल ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से यूएई के राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं। साथ ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने, क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और आपसी हित के मुद्दों पर बातचीत हुई।
सूत्रों के मुताबिक, यूएई के राष्ट्रपति ने डोभाल का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों पक्षों के बीच नेतृत्व स्तर पर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान हुआ। डोभाल ने यूएई की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए भारत की शुभकामनाएं व्यक्त कीं, वहीं यूएई नेतृत्व ने भी भारत और उसके नागरिकों के विकास की कामना की।
बैठक के दौरान मिडिल ईस्ट के हालिया घटनाक्रमों पर विशेष फोकस रहा। क्षेत्रीय तनाव, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता पर इनके प्रभाव को लेकर दोनों पक्षों ने गहन चर्चा की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंताएं भी बढ़ी हैं।
इस अहम बैठक में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी अली बिन हम्माद अल शम्सी भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि एक महीने के भीतर भारत और यूएई के बीच यह दूसरी उच्च स्तरीय बैठक है। इससे पहले इसी महीने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी यूएई का दौरा किया था और राष्ट्रपति से मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया था।
जयशंकर ने उस दौरान कहा था कि जटिल क्षेत्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत और यूएई के बीच संवाद लगातार मजबूत और पारदर्शी बना हुआ है। उनकी यह यात्रा मॉरीशस में आयोजित 9वें हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लेने के बाद हुई थी।

