उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह 11 बजे प्रदेश के सबसे लंबे और महत्वाकांक्षी 'गंगा एक्सप्रेसवे' का आधिकारिक उद्घाटन किया। लगभग 37,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे न केवल पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़ेगा, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति का नया 'ग्रोथ इंजन' भी बनेगा।
प्रधानमंत्री ने हरदोई के मल्लावां से इस परियोजना को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
12 घंटे का सफर अब मात्र 6 घंटे में
गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ और प्रयागराज के बीच की दूरी अब सिमट गई है। जहाँ पहले इस सफर को तय करने में 12 से 13 घंटे का लंबा वक्त लगता था, वहीं अब यात्री मात्र 6 से 7 घंटे में अपनी मंजिल तक पहुँच सकेंगे। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों और 519 गांवों को एक सूत्र में पिरोता है।
तकनीक और सुरक्षा का आधुनिक संगम
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' और 'डिजिटल टोलिंग' है। अत्याधुनिक तकनीक की वजह से वाहनों को टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। इसके अलावा:
देश का पहला ट्रामा सेंटर: एक्सप्रेसवे पर किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल उपचार के लिए देश का पहला इन-बिल्ट ट्रामा सेंटर बनाया गया है।
लड़ाकू विमानों के लिए रनवे: शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी एक विशेष एयरस्ट्रिप (रनवे) तैयार की गई है, जहाँ आपात स्थिति में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान लैंड कर सकेंगे।
रफ्तार और नियम: 120 किमी की स्पीड
गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार निर्धारित की गई है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के मद्देनजर इस सीमा का उल्लंघन करने वालों पर सख्त चालानी कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में यह 6 लेन का है, जिसे भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 8 लेन तक विस्तार देने का प्रावधान रखा गया है।
किसे मिलेगा सीधा लाभ?
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न केवल यूपी, बल्कि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, बागपत और पड़ोसी राज्य हरियाणा के लोगों को भी सीधा फायदा मिलेगा। माल ढुलाई और व्यापार के नजरिए से यह मार्ग बेहद क्रांतिकारी साबित होने वाला है।
टोल दरें: हल्के वाहनों (कार, जीप, वैन) के लिए टोल की दर 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है।
उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे केवल सड़कों का जाल नहीं है, बल्कि यह यूपी के सामर्थ्य और विकास की नई पहचान है, जो आने वाले समय में लाखों रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
