छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ महज चंद रुपयों के लेनदेन के विवाद ने एक हंसते-खेलते युवक की जान ले ली। कापू थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हिचुआ में एक ग्रामीण की हत्या का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रतिशोध की यह आग 6 साल पुराने कर्ज से जुड़ी थी, जिसका अंत एक दर्दनाक हत्याकांड के रूप में हुआ।
बाड़ी में मिला था लहूलुहान शव
घटना का आगाज़ 27 अप्रैल को हुआ, जब ग्राम कुम्हिचुआ के निवासी 60 वर्षीय चमराराम तुरी ने पुलिस को सूचना दी कि उनके 30 वर्षीय पुत्र, देवव्रत तुरी का शव उनके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में संदिग्ध अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुँची।
शुरुआती मुआयने में ही मामला संदिग्ध नजर आ रहा था। देवव्रत के शरीर पर संघर्ष के निशान थे; उसकी गर्दन, कलाई और पीठ पर चोटों के गहरे निशान पाए गए। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसकी रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी कि यह सामान्य मृत्यु नहीं बल्कि गला घोंटकर की गई 'होमीसाइडल' (हत्या) है।
6 साल पुरानी रंजिश और 5 हजार का कर्ज
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अज्ञात हत्यारे की पहचान करना था। तीन दिनों तक गांव के दर्जनों लोगों और संदिग्धों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसी बीच, पुलिस को मुखबिरों से पता चला कि गांव के ही करमसाय नगेसिया (42) और मृतक के बीच पैसों को लेकर काफी समय से तनातनी चल रही थी।
जांच में खुलासा हुआ कि करीब 6 साल पहले देवव्रत ने करमसाय से 5,000 रुपये उधार लिए थे। समय बीतने के साथ ब्याज बढ़ता गया, लेकिन देवव्रत ने मूलधन भी वापस नहीं किया। इसी साल मार्च में विवाद इतना बढ़ गया था कि करमसाय ने देवव्रत के घर जाकर उसके परिजनों से बदसलूकी और मारपीट भी की थी। इसके समाधान के लिए गांव में सामाजिक बैठक भी हुई, पर कर्ज का निपटारा नहीं हो सका।

शादी से लौटते वक्त रचा मौत का जाल
26 अप्रैल की रात आरोपी करमसाय एक शादी समारोह से लौट रहा था। रात करीब 11 बजे उसने देवव्रत को उसके घर के पास अकेले देखा। पुराने गुस्से और पैसों की खुन्नस ने उसे अंधा कर दिया। करमसाय ने चुपके से देवव्रत का पीछा किया और उसके घर के दरवाजे के पास उसे दबोच लिया।
आरोपी ने पूरी ताकत से देवव्रत का मुंह और गला दबा दिया और उसे जमीन पर पटक दिया। उसने तब तक गला नहीं छोड़ा जब तक देवव्रत की सांसें थम नहीं गईं। हत्या को अंजाम देने के बाद, पकड़े जाने के डर से आरोपी ने शव को घसीटकर निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में फेंक दिया और फरार हो गया।
पुलिस की सख्ती के आगे टूटा आरोपी
संदेह के आधार पर जब करमसाय को हिरासत में लिया गया, तो पहले उसने पुलिस को खूब छकाया और गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कड़ाई से पूछताछ का सहारा लिया, तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी की अपील: कानून को हाथ में न लें रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि लेनदेन या किसी भी अन्य विवाद को आपसी बातचीत या कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाएं। हिंसा केवल विनाश लाती है।
इस कार्रवाई में कापू थाना प्रभारी और उनकी टीम की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने महज कुछ दिनों के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया।
