महासमुंद जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले में विभिन्न थानों में दर्ज मामलों से जब्त किए गए अवैध गांजे को शुक्रवार विधिवत रूप से नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में बेलसोण्डा स्थित बालाजी प्लांट में पूरी की गई। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी करते रहे।
9 क्विंटल 99 किलो से अधिक गांजा नष्ट
पुलिस द्वारा नष्ट किया गया कुल माल 9 क्विंटल 99 किलो 200 ग्राम गांजा था। अनुमान के अनुसार इसकी अवैध बाजार में करीब कीमत 5 करोड़ 4 लाख 23 हजार 300 रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ का एक साथ नष्ट किया जाना जिले में हाल के वर्षों की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
18 मामलों से जुड़ा था पूरा माल
नष्टीकरण अभियान अलग-अलग थानों में दर्ज कुल 18 NDPS एक्ट के मामलों से संबंधित था।
- थाना कोमाखान: 7 मामले
- थाना बसना: 7 मामले
- थाना सिंघोड़ा: 2 मामले
- थाना सांकरा: 1 मामला
- थाना पिथौरा: 1 मामला
इन मामलों में जब्त किया गया गांजा लंबे समय से सुरक्षित रखा गया था और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे नष्ट करने की अनुमति दी गई।
2025 और 2026 के मामले शामिल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इनमें से 2 मामले वर्ष 2025 के थे, जबकि शेष 16 मामले वर्ष 2026 में दर्ज किए गए। सभी मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने नष्टीकरण की मंजूरी दी।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई प्रक्रिया
नष्टीकरण की पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक महासमुंद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी की देखरेख में हुई। सबसे पहले सभी जब्त सामग्री का भौतिक सत्यापन किया गया, उसके बाद शासन की निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार उसे आग के हवाले कर दिया गया।
पुलिस का सख्त संदेश: नशे के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस
इस कार्रवाई के जरिए महासमुंद पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि जिले में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहना कि नशे की सप्लाई की चेन को तोड़ने के लिए लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आने वाले समय में और भी बड़े पैमाने पर छापेमारी और नष्टीकरण की कार्रवाई की संभावना जताई गई है, जिससे तस्करों में स्पष्ट संदेश जाए कि कानून से बचना आसान नहीं है।
लक्ष्य: नशा मुक्त महासमुंद
पुलिस प्रशासन ने दोहराया है कि उनका अंतिम लक्ष्य नशा मुक्त महासमुंद बनाना है। इसके लिए न केवल तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
