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UP Voters List 2026 : बीजेपी के गढ़ में ही कटे सबसे ज्यादा वोट, बदलेगा खेल या बनेगी नई रणनीति?

उत्तर प्रदेश की SIR फाइनल वोटर लिस्ट 2026 में 2.04 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिसमें सबसे ज्यादा कटौती बीजेपी के गढ़ वाले इलाकों में हुई है। लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज और कानपुर जैसे शहरों में 18–23% तक वोट घटे हैं, जबकि मुस्लिम बहुल जिलों में अपेक्षाकृत कम असर देखा गया।

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कीर्तिमान ब्यूरो
11 Apr 2026, 01:20 PM
📍 लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर करने वाली तस्वीर सामने आई है। चुनाव आयोग द्वारा जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की फाइनल वोटर लिस्ट ने उन तमाम कयासों को गलत साबित कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि मुस्लिम बहुल इलाकों में बड़े पैमाने पर वोट कटेंगे। अब जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने बीजेपी के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है—क्योंकि सबसे ज्यादा वोट कटौती उन्हीं इलाकों में हुई है, जिन्हें पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

2.04 करोड़ वोटर लिस्ट से बाहर, समीकरण बदलने के संकेत

उत्तर प्रदेश में SIR के तहत कुल 2.04 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह संख्या अपने आप में इतनी बड़ी है कि आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव के समीकरण बदल सकती है।

पहले यह माना जा रहा था कि यह कटौती मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ज्यादा होगी, लेकिन फाइनल आंकड़े इसके उलट हैं। बीजेपी के प्रभाव वाले शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में ही सबसे ज्यादा नाम हटे हैं।

बीजेपी के गढ़ में 18–23% तक वोट कटे

राजधानी लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज और कानपुर जैसे शहरों में 18% से 23% तक वोटर कम हुए हैं। ये सभी इलाके बीजेपी के मजबूत माने जाते हैं। वहीं, पश्चिमी यूपी के बिजनौर, मुरादाबाद और सहारनपुर जैसे जिलों में 10% से 12% तक वोट कटौती हुई है। सबसे अहम बात यह है कि इन जिलों की कई सीटों पर पिछला चुनाव बेहद करीबी रहा था—जहां जीत का अंतर सिर्फ 200 से 250 वोट तक था।

करीबी मुकाबले वाली सीटों पर बढ़ी चिंता

राज्य की कई विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां पिछले चुनाव में मुकाबला कांटे का था और जीत का मार्जिन 10 हजार से कम रहा था।

अब जब हजारों वोट लिस्ट से हट गए हैं, तो इन सीटों का गणित पूरी तरह बदल सकता है।
यही वजह है कि बीजेपी के भीतर रणनीतिक स्तर पर मंथन तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

मुस्लिम बहुल इलाकों में अपेक्षाकृत कम असर

मुस्लिम बहुल जिलों में वोट कटौती अपेक्षाकृत कम रही है। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • संभल: 14.47%
  • रामपुर: 12.33%
  • मुरादाबाद: 10.09%
  • बिजनौर: 9.63%
  • सहारनपुर: 10.48%
  • मुजफ्फरनगर: 10.38%

यानी जिन इलाकों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा थी, वहां असर सीमित रहा।

अब यूपी में कुल कितने वोटर?

फाइनल वोटर लिस्ट के मुताबिक:

  • कुल मतदाता: 13.39 करोड़
  • पुरुष: 7.30 करोड़ (54.54%)
  • महिला: 6.09 करोड़ (45.46%)
  • 18–19 आयु वर्ग: 17.63 लाख नए वोटर

यह डेटा साफ दिखाता है कि युवा वोटर्स की भी अहम भूमिका रहने वाली है।

बीजेपी के सामने क्या चुनौती?

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, जिन इलाकों में बीजेपी का मजबूत जनाधार था, वहीं बड़े पैमाने पर वोट कटना पार्टी के लिए चिंता का कारण बन सकता है। अगर ये कटे हुए वोटर पारंपरिक समर्थक रहे हैं, तो इसका सीधा असर सीटों के परिणाम पर पड़ सकता है—खासकर उन जगहों पर जहां मुकाबला पहले से ही करीबी रहा है।

क्या बदलेगी रणनीति?

अब माना जा रहा है कि बीजेपी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए:

  • नए वोटर रजिस्ट्रेशन अभियान तेज करेगी
  • बूथ स्तर पर डेटा री-एनालिसिस किया जाएगा
  • करीबी सीटों पर माइक्रो मैनेजमेंट बढ़ाया जाएगा
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