जानकारी के अनुसार, थाना पोलमपल्ली क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर डीआरजी टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान सुबह जवानों और नक्सलियों के बीच आमना-सामना हुआ। दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हुई, जिसके बाद नक्सली पीछे हटने लगे। सर्चिंग के दौरान मौके से मूचाकी कैलाश का शव और हथियार बरामद किए गए।
मारा गया नक्सली मूचाकी कैलाश सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र के पूलनपाड़ गांव का निवासी था। वह नक्सली संगठन में प्लाटून 31 का सेक्शन कमांडर (PPCM) था और उसके ऊपर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था और कई गंभीर मामलों में शामिल होने के आरोपों के तहत उसकी तलाश की जा रही थी। इनमें ग्रामीणों की हत्या, सुरक्षा बलों पर हमले और आईईडी ब्लास्ट की साजिश जैसे मामले शामिल हैं।
सुरक्षा बलों ने बताया कि इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान में अहम सफलता माना जा रहा है। क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है। मुठभेड़ के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने माओवादी कैडरों से अपील की है कि वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटें। उन्होंने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने का समय सीमित है और जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में वापस आना चाहते हैं, उनके लिए यह सही मौका है। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और सुरक्षा बल पूरी मजबूती के साथ कार्रवाई कर रहे हैं।
यह मुठभेड़ क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्थान और समय:- 5 लाख रुपये का इनामी नक्सली मूचाकी कैलाश मारा गया
- उसके पास से हथियार बरामद हुए
- मूचाकी कैलाश, चिंतलनार थाना क्षेत्र के पूलनपाड़ गांव का निवासी
- नक्सली संगठन में प्लाटून 31 का सेक्शन कमांडर (PPCM)
- कई गंभीर अपराधों में शामिल: ग्रामीणों की हत्या, सुरक्षा बलों पर हमले, आईईडी ब्लास्ट की साजिश
- लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की नज़र में था
- मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन जारी
- अन्य नक्सलियों की तलाश जारी
- बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने माओवादी कैडरों से आत्मसमर्पण की अपील की
- पुनर्वास नीति का लाभ उठाने का अंतिम समय सीमित बताया
- अभियान लगातार जारी रहेगा और सुरक्षा बल पूरी मजबूती से कार्रवाई कर रहे हैं
- यह मुठभेड़ नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता और क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
