पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, 4 और 6 अप्रैल को मुजफ्फरपुर निवासी महेश गामी को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सएप कॉल किए गए। कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल अवैध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। इसके बाद उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर तुरंत गिरफ्तारी की धमकी दी गई।
ठगी का एहसास होते ही शिकायत
लगातार दबाव और भय के माहौल में आकर महेश गामी ने कुल 67 लाख रुपये ठगों के खातों में भेज दिए। बाद में जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तो वे साइबर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में साइबर थाना के डीएसपी रोहन कुमार सहित कई विशेषज्ञ अधिकारियों को शामिल किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रही है, ताकि वे ऐसे साइबर ठगी के जाल में न फंसें।

