नासिक के शिवाजीनगर इलाके में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। सड़क किनारे बने एक पानी से भरे कुएं में कार गिरने से एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई। मृतक डिंडोरी तालुका के दरगोड़े परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं, जो एक पारिवारिक मीटिंग के बाद घर लौट रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, शिवाजीनगर स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित बैठक में शामिल होने के बाद परिवार अपनी कार से वापस जा रहा था। इसी दौरान ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण हट गया और कार सीधे सड़क किनारे बने कुएं में जा गिरा। कुआं पानी से भरा हुआ था, जिससे हादसा और भी भयानक हो गया।
NDRF टीम भी पहुची
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, डिजास्टर मैनेजमेंट टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। बाद में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम को भी बुलाया गया। पानी से भरे कुएं में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। आधी रात को दो क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया।
कार से पहले 8 लोगों के शव बरामद किए गए, जबकि एक बच्ची की तलाश के लिए अलग से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। बाद में उसका शव भी कुएं से बरामद कर लिया गया। इस हादसे में परिवार के कई छोटे बच्चों समेत कुल 9 लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
जांच शुरू
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की गहराई से पड़ताल की जा रही है, वहीं प्रशासन पर खुले और असुरक्षित कुओं को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
क्या हुआ
- शुक्रवार रात करीब 10 बजे एक कार सड़क किनारे बने पानी से भरे कुएं में गिर गई।
- कार में दरगोड़े परिवार के 9 सदस्य सवार थे, जो एक मीटिंग से लौट रहे थे।
- ड्राइवर का नियंत्रण खोने के कारण यह हादसा हुआ बताया जा रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन
- पुलिस, फायर ब्रिगेड, डिजास्टर मैनेजमेंट टीम और बाद में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) मौके पर पहुंची।
- कुआं पूरी तरह पानी से भरा होने के कारण बचाव कार्य काफी मुश्किल रहा।
- दो क्रेन की मदद से आधी रात को कार बाहर निकाली गई।
- पहले 8 शव मिले, बाद में एक लड़की का शव भी सर्च ऑपरेशन में बरामद हुआ।
मृतकों में शामिल
इस हादसे में सुनील, रेशमा, आशा समेत परिवार के कई छोटे बच्चे भी शामिल थे—जिससे घटना और भी दुखद बन गई।
यह हादसा सड़क सुरक्षा और खुले/असुरक्षित कुओं जैसे खतरों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर रहा है कि आखिर ऐसी लापरवाही कैसे हुई।
