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रायपुर

पंडरी मोवा नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों पर हिंसा का वीडियो वायरल

रायपुर के पंडरी मोवा स्थित साहस नशा मुक्ति केंद्र पर मरीजों के साथ मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगे हैं। केंद्र संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा पर मरीजों के साथ हिंसा करने का आरोप है, जिसका कथित वीडियो भी सामने आया। उड़ीसा के उमरकोट निवासी अंकुर मांझी के माता-पिता ने अपने बेटे के साथ दुर्व्यवहार के चलते पंडरी थाने में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है और प्रशासन ने केंद्र की गतिविधियों की समीक्षा का आदेश दिया है। परिवार और स्थानीय लोग मरीजों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

मारपीट फोटो
मारपीट फोटो
कीर्तिमान ब्यूरो
30 Mar 2026, 06:24 PM
📍 रायपुर

रायपुर के पंडरी मोवा क्षेत्र में संचालित साहस नशा मुक्ति केंद्र पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। केंद्र की संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा पर मरीजों के साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना करने का आरोप है। इस घटना का कथित वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें अनिकेश शर्मा द्वारा मरीजों के साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। उड़ीसा के उमरकोट निवासी अंकुर मांझी के माता-पिता ने अपने बेटे के साथ हुए दुर्व्यवहार के चलते पंडरी थाने में FIR दर्ज कराई है। उनके अनुसार, अंकुर को तीन महीने के इलाज के लिए केंद्र लाया गया था, लेकिन केवल नौ दिन में ही उसे वापस भेज दिया था । माता-पिता का कहना है कि इलाज के दौरान उनके बेटे की मानसिक और शारीरिक स्थिति खराब हुई।पुलिस ने अनिकेश शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिवार ने केंद्र के अन्य मरीजों की सुरक्षा और उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार पर भी चिंता व्यक्त की है। फिलहाल अंकुर मांझी का इलाज विशाखापट्टनम में जारी है, जहां उसे सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है।स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र की गतिविधियों की भी समीक्षा करने का निर्णय लिया है। इस प्रकार की मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं ने केंद्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है।स्थानीय लोग और परिवार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सभी नशा मुक्ति केंद्रों में नियमित निरीक्षण और निगरानी की जाए, ताकि मरीजों के साथ किसी प्रकार का दुरुपयोग या प्रताड़ना न हो। नशा मुक्ति केंद्रों में पारदर्शिता, सुरक्षा और मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा बेहद जरूरी है, ताकि परिवार और मरीजों का भरोसा कायम रहे ।

रायपुर: नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों के साथ मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप

रायपुर के पंडरी मोवा क्षेत्र में संचालित साहस नशा मुक्ति केंद्र पर मरीजों के साथ हिंसा और प्रताड़ना के गंभीर आरोप सामने आए हैं। केंद्र की संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा पर मरीजों के साथ शारीरिक और मानसिक दुर्व्यवहार करने का आरोप है। घटना का कथित वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें आरोप लगाया जा रहा है कि अनिकेश शर्मा ने मरीजों के साथ बेरहमी से मारपीट की।

घटना की जानकारी

उड़ीसा के उमरकोट निवासी अंकुर मांझी को तीन महीने के इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्र लाया गया था। लेकिन मात्र नौ दिन के भीतर ही उन्हें केंद्र से वापस ले लिया गया। अंकुर के माता-पिता का आरोप है कि इलाज के दौरान उनके बेटे के साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की गई, जिससे उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई।

माता-पिता ने पंडरी थाने में FIR दर्ज कराई और पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिवार ने यह भी चिंता जताई कि केंद्र में अन्य मरीजों के साथ भी समान व्यवहार हो सकता है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

  • पुलिस ने अनिकेश शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
  • स्थानीय प्रशासन ने नशा मुक्ति केंद्र की गतिविधियों और उपचार पद्धतियों की भी समीक्षा करने का आदेश दिया।
  • जांच के दौरान केंद्र की अन्य मरीजों की सुरक्षा और उनके इलाज की प्रक्रिया का भी आकलन किया जाएगा।

परिवार और मरीज की वर्तमान स्थिति

अंकुर मांझी का इलाज अब विशाखापट्टनम में जारी है। परिवार का कहना है कि वहां उसे सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है। परिवार और स्थानीय लोग इस मामले को गंभीर मानते हुए नशा मुक्ति केंद्रों में नियमित निरीक्षण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

विशेषज्ञ और समाज की प्रतिक्रिया

मनोवैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों के साथ हिंसा या प्रताड़ना बिल्कुल अस्वीकार्य है। ऐसी घटनाएं न सिर्फ मरीज की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि पूरे उपचार प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती हैं।

निष्कर्ष

यह घटना यह स्पष्ट करती है कि नशा मुक्ति केंद्रों में पारदर्शिता, सुरक्षा और मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा कितना महत्वपूर्ण है। परिवार और मरीजों का भरोसा कायम रखना स्वास्थ्य सेवा का मूल उद्देश्य होना चाहिए। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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