Wednesday, 04 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
W 𝕏 f
होम › छत्तीसगढ़ › गांजा तस्करी: दो आरोपियों को 20-20 साल की सजा, 2-…
AI फोटो
AI फोटो
छत्तीसगढ़

गांजा तस्करी: दो आरोपियों को 20-20 साल की सजा, 2-2 लाख का जुर्माना

गरियाबंद जिले में 22 किलो गांजा तस्करी के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल की सश्रम कैद और 2-2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 12 Apr 2026, 05:26 PM · अपडेट: 19 Oct 2026, 10:08 PM
गरियाबंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

गरियाबंद जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक अहम मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को लंबी सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे क्षेत्र में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।

30 मई 2024 को देवभोग थाना क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ओडिशा की ओर से गांजा तस्करी की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल नाकेबंदी कर दी और आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच शुरू की।

इसी दौरान ओडिशा के जुनागढ़ की दिशा से आ रही एक लाल रंग की मोटरसाइकिल को संदेह के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर बाइक में रखी एक सफेद बोरी से करीब 22 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। मौके पर ही पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

कौन थे आरोपी 

पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान आसुतोष मेहेर और क्षिरोद मेहेर के रूप में बताई। दोनों ओडिशा के निवासी बताए गए। उनके पास गांजा ले जाने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या अनुमति नहीं थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वे अवैध तस्करी में संलिप्त थे।

जांच और सबूत

पुलिस ने जब्त किए गए गांजे के नमूने को विधिवत सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बरामद पदार्थ गांजा ही था। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर चार्जशीट अदालत में पेश की।

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक स्वाति शर्मा ने अदालत में ठोस साक्ष्य और गवाह पेश किए। पुलिस की कार्रवाई, जब्ती पंचनामा, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों को अदालत ने पर्याप्त और विश्वसनीय माना।

अदालत का फैसला

मामले की सुनवाई के बाद विशेष एनडीपीएस न्यायाधीश शैलेश शर्मा ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने उन्हें 20-20 साल की सश्रम कैद और 2-2 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 6-6 महीने की सजा भुगतनी होगी।

महत्वपूर्ण फैसले  

यह फैसला क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक कड़ा संदेश देता है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि युवाओं और समाज को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। पुलिस और अभियोजन की सतर्कता तथा प्रभावी कार्रवाई के कारण यह मामला मजबूत बना और दोषियों को कड़ी सजा मिल सकी। इससे भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें