सावन के तीसरे सोमवार को सिरपुर में बाबा गंधेश्वर नाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए करीब 10 हजार कांवड़िए पहुंचे, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के आरोप सामने आए हैं। जिला पंचायत के पूर्व सभापति अमर अरुण चंद्राकर ने जिला प्रशासन पर व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
चंद्राकर का कहना है कि प्रशासन को पहले से कांवड़ियों की बड़ी संख्या में पहुंचने की जानकारी थी। कुछ दिन पहले जनप्रतिनिधियों और जिला अधिकारियों की बैठक में भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर सुझाव दिए गए थे। अधिकारियों ने व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया था, लेकिन सोमवार को मौके पर हालात अलग नजर आए।
मंदिर परिसर और पेड़ों के नीचे गुजारी रात
चंद्राकर के मुताबिक रविवार देर रात तक बड़ी संख्या में कांवड़िए सिरपुर पहुंच गए थे। उनके ठहरने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई श्रद्धालुओं ने मंदिरों के अहाते, पेड़ों के नीचे और घरों के बरामदों में रात गुजारी।
उन्होंने ठहरने के साथ शौचालय, पेयजल, चिकित्सा और सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर जरूरी सुविधाएं पर्याप्त नहीं थीं।
जंगल के रास्ते में सुरक्षा को लेकर चिंता
चंद्राकर ने बम्हनी से सिरपुर और तुमगांव-मालीडीह के आगे के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि यह रास्ता घने जंगल से होकर गुजरता है और यहां जंगली जानवरों के साथ जहरीले जीवों का खतरा रहता है। इसके बावजूद पुलिस और वन विभाग की ओर से पर्याप्त पेट्रोलिंग नहीं कराई गई।
उन्होंने यह भी कहा कि सिरपुर में स्वास्थ्य विभाग का कैंप शाम 5 बजे के बाद बंद हो गया था। रात में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद चिकित्सा सुविधा लगातार उपलब्ध नहीं रही।
भंडारे में भीड़ बढ़ी, मोबाइल-पर्स चोरी का दावा
सिरपुर बोलबम समिति की ओर से हर साल कांवड़ियों के लिए भंडारे का आयोजन किया जाता है। चंद्राकर के अनुसार रविवार रात भोजन के समय यहां काफी भीड़ हो गई और अव्यवस्था की स्थिति बनी। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान कई श्रद्धालुओं के मोबाइल और पर्स चोरी हो गए।
उनका कहना है कि भंडारा स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहता तो भीड़ को नियंत्रित करने के साथ चोरी की घटनाओं को भी रोका जा सकता था।
पिछले साल की घटना के बाद भी नहीं बढ़ी सुरक्षा?
चंद्राकर ने पिछले साल बोलबम यात्रा के दौरान स्थानीय युवाओं और कांवड़ियों के बीच हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस घटना में कई लोग घायल हुए थे। इसके बावजूद इस बार पहले से अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हजारों कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना थी तो प्रशासन ने पहले से पर्याप्त पुलिस बल और पेट्रोलिंग की व्यवस्था क्यों नहीं की।
'सिरपुर की पहचान सिर्फ पर्यटन तक सीमित न हो'
अमर चंद्राकर ने सिरपुर के विकास को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सिरपुर को केवल पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की कोशिश हो रही है, जबकि इसकी धार्मिक पहचान पीछे छूटती जा रही है।
उन्होंने कहा कि गंधेश्वर नाथ महादेव मंदिर सिरपुर की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसके धार्मिक महत्व को नजरअंदाज कर केवल पर्यटन स्थल के तौर पर सिरपुर की पहचान बनाना उचित नहीं है। उन्होंने सिरपुर महोत्सव के प्रचार-प्रसार में महादेव का उल्लेख नहीं होने पर भी सवाल उठाया।
नगर निवेश और सिरपुर विकास प्राधिकरण (साडा) की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि सिरपुर का विकास ऐसा होना चाहिए, जिसमें पर्यटन और रोजगार बढ़े, लेकिन इसके साथ धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत भी सुरक्षित रहे।
चौथे सोमवार को 20 हजार कांवड़ियों की उम्मीद
चंद्राकर ने प्रशासन से आगामी चौथे सोमवार के लिए तत्काल तैयारी करने की मांग की है। उनके मुताबिक इस बार 20 हजार से अधिक कांवड़ियों के सिरपुर पहुंचने की संभावना है। उन्होंने ठहरने की जगह, पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा, सफाई, मार्ग सुरक्षा, जंगल क्षेत्र में पुलिस-वन विभाग की पेट्रोलिंग और भंडारा स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षा और सुविधा का भरोसा नहीं मिलेगा तो धार्मिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा। प्रशासन को सिरपुर की धार्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं करनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।