महासमुंद जिले के ग्राम छिलपावन (झलप) में सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) की पुष्टि हुई है। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD), भोपाल की जांच रिपोर्ट में बीमारी की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन ने संक्रमण की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने 18 अगस्त को आदेश जारी कर प्रभावित इलाके के एक किलोमीटर के दायरे को इनफेक्टेड जोन और एक से 10 किलोमीटर के क्षेत्र को सर्विलेंस जोन घोषित किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। अफ्रीकन स्वाइन फीवर सूअरों में तेजी से फैलने वाला विषाणुजनित रोग है, लेकिन यह सूअरों से मनुष्यों में नहीं फैलता।
10 किमी क्षेत्र में आवाजाही पर रोक
संक्रमण को दूसरे क्षेत्रों में फैलने से रोकने के लिए इनफेक्टेड जोन से 10 किलोमीटर के दायरे में जीवित सूअरों और उनके उत्पादों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही सूअर काटने और सूकर उत्पादों की बिक्री करने वाली दुकानों को बंद रखने की कार्रवाई की जा रही है। तहसीलदार, पुलिस और परिवहन विभाग को प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
PPE किट पहनकर RRT करेगी कलिंग
संक्रमण की रोकथाम के लिए पीपीई किट से लैस रेपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) गठित की गई है। टीम संक्रमित क्षेत्र में सूअरों की कलिंग, निगरानी और सैनिटाइजेशन का काम करेगी। मृत और कलिंग किए गए सूअरों के साथ उनके आहार का भी सुरक्षित तरीके से निपटारा किया जाएगा। इसके बाद प्रभावित क्षेत्र में डिसइंफेक्शन की कार्रवाई होगी।
पशुपालकों को मिलेगा मुआवजा
प्रशासन ने प्रभावित पशुपालकों के लिए मुआवजे का भी प्रावधान किया है। जिन पशुपालकों के सूअरों की कलिंग की जाएगी या सूकर आहार नष्ट किया जाएगा, उन्हें केंद्र सरकार द्वारा 28 मई 2020 को निर्धारित दरों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाओं को कलिंग, डिस्पोजल, सर्विलांस और मुआवजे की कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट राज्य शासन और भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का फोकस फिलहाल संक्रमण को प्रभावित क्षेत्र तक सीमित रखने और आसपास के इलाकों में इसकी निगरानी बढ़ाने पर है।
