Friday, 06 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
Ranchi Murder Case: स्कूल के पीछे मिला युवक का शव, चेहरे पर गंभीर चोट के निशान से हत्या की आशंका Ganja Smuggling: ऑपरेशन आघात के तहत कार्रवाई, 4 किलो गांजा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार Pachmarhi Accident: बंदर से बैग बचाने की कोशिश बनी जानलेवा, खाई में गिरकर ग्रुप लीडर की मौत Durg Hospital Case: महिला अधिवक्ता की मौत पर हाईटेक अस्पताल में हंगामा, एक करोड़ मुआवजे की मांग Raigarh News: खरसिया में जंगली सुअर का शिकार, घर में मांस पकाते आरोपी को वन विभाग ने पकड़ा Suicide Case: नीम के पेड़ पर मिला 35 वर्षीय युवक का शव, मौत की वजह अब भी रहस्य Ranchi Murder Case: स्कूल के पीछे मिला युवक का शव, चेहरे पर गंभीर चोट के निशान से हत्या की आशंका Ganja Smuggling: ऑपरेशन आघात के तहत कार्रवाई, 4 किलो गांजा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार Pachmarhi Accident: बंदर से बैग बचाने की कोशिश बनी जानलेवा, खाई में गिरकर ग्रुप लीडर की मौत Durg Hospital Case: महिला अधिवक्ता की मौत पर हाईटेक अस्पताल में हंगामा, एक करोड़ मुआवजे की मांग Raigarh News: खरसिया में जंगली सुअर का शिकार, घर में मांस पकाते आरोपी को वन विभाग ने पकड़ा Suicide Case: नीम के पेड़ पर मिला 35 वर्षीय युवक का शव, मौत की वजह अब भी रहस्य
W 𝕏 f
होम › छत्तीसगढ़ › स्वास्थ्य विभाग की आउटसोर्स भर्ती पर सवाल, नौकरी …
ओडिशा स्वास्थ्य भर्ती में रिश्वत के आरोप
ओडिशा स्वास्थ्य भर्ती में रिश्वत के आरोप
छत्तीसगढ़

स्वास्थ्य विभाग की आउटसोर्स भर्ती पर सवाल, नौकरी के नाम पर रिश्वतखोरी के आरोप

स्वास्थ्य विभाग की आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, नर्सिंग स्टाफ और अन्य पदों पर नियुक्ति के लिए दस्तावेज सत्यापन के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है। मामले को लेकर शिकायतें मिलने के बाद विभाग ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 05 Aug 2026, 06:28 PM · अपडेट: 01 Nov 2026, 11:31 AM
मलकानगिरी
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

ओडिशा के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जा रही भर्तियों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट और अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों की नियुक्तियां निजी एजेंसियों के जरिए कराई जा रही हैं। अब इन भर्तियों की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता और रिश्वतखोरी के आरोप सामने आने के बाद सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में नौकरी दिलाने के नाम पर उम्मीदवारों से मोटी रकम की मांग की जा रही है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि योग्यता और दस्तावेजों के आधार पर चयन के बजाय पैसे के लेन-देन को प्राथमिकता दी जा रही है। इस तरह के आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिलों से मिल रही शिकायतें

मलकानगिरी जिले सहित ओडिशा के कई हिस्सों से आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके बावजूद निजी एजेंसियों के माध्यम से नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। सरकारी अस्पतालों में पैरामेडिकल स्टाफ, सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मचारियों और अन्य सहायक पदों की भर्ती की जिम्मेदारी लंबे समय से निजी कंपनियों को दी जाती रही है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस व्यवस्था का फायदा उठाकर कुछ एजेंसियां और बिचौलिए उम्मीदवारों से अवैध वसूली कर रहे हैं।

अप्रैल में जारी हुआ था भर्ती का टेंडर

मामला मलकानगिरी जिले में निकली हालिया भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। अप्रैल महीने में स्वास्थ्य विभाग ने फिजियोथेरेपिस्ट, मेडिकल रिकॉर्ड कीपिंग असिस्टेंट, लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट समेत कई पदों पर नियुक्ति के लिए टेंडर जारी किया था। इस टेंडर को भुवनेश्वर की एक निजी एजेंसी ने हासिल किया। भर्ती प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि Document Verification के नाम पर उनसे बड़ी रकम की मांग की जा रही है। 

सामने आ चुके हैं भ्रष्टाचार के मामले

मलकानगिरी जिले में आउटसोर्सिंग भर्ती को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। इससे पहले भी कई बार निजी एजेंसियों के जरिए होने वाली नियुक्तियों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कुछ मामलों में शिकायतों की जांच के बाद टेंडर निरस्त किए गए थे। वहीं, कुछ घटनाओं में संबंधित कंपनियों के कर्मचारियों और बिचौलियों पर कार्रवाई भी हुई थी। आरोप है कि सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जाती रही है। हाल ही में सुरक्षाकर्मियों की भर्ती को लेकर भी लेन-देन के आरोप लगाए गए थे। 

कार्रवाई का दिया भरोसा

पूरे मामले को लेकर कार्यवाहक सीडीएमओ (CDMO) ने कहा है कि यदि किसी अभ्यर्थी के पास रिश्वत मांगने या अनियमितता से जुड़ी शिकायत है, तो वह लिखित रूप में विभाग को दे सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायतों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अवैध मांग की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएं।

व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

राज्य सरकार लगातार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को कम करने की बात करती रही है। इसके बावजूद स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में निजी एजेंसियों के जरिए लगातार नियुक्तियां होने से कई सवाल उठ रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, ताकि योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सके। उन्होंने मांग की है कि आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की शिकायतों पर रोक लग सके।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें