जिले में यूरिया वितरण में पारदर्शिता
सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। भारत सरकार के उर्वरक
मंत्रालय के निर्देश पर 16 मार्च से 29 मार्च 2026 तक पीओएस मशीन के माध्यम से यूरिया के
अनियमित वितरण के मामलों में 106 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी
किया गया है।
उप संचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप ने
बताया कि इनमें 86 निजी और 20 सहकारी संस्थाएं शामिल हैं, जिन्होंने उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 का उल्लंघन करते हुए
यूरिया का अनियमित विक्रय किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित संस्थाओं को 7 दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने
के निर्देश दिए गए हैं।
उप संचालक कृषि ने चेतावनी दी कि यदि
निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबन
या निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
श्री कश्यप ने कहा कि जिले में यूरिया
की कालाबाजारी रोकने और किसानों तक समय पर खाद पहुँचाने के लिए मैदानी अधिकारियों
द्वारा निजी और सहकारी प्रतिष्ठानों का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। विभाग यह
सुनिश्चित कर रहा है कि किसान निर्धारित दर पर और पर्याप्त मात्रा में यूरिया
प्राप्त कर सकें।
