छत्तीसगढ़ के कवर्धा (कबीरधाम) जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ प्रेम और सामाजिक संघर्ष के बीच एक विवाहित जोड़े ने मौत को गले लगा लिया। पांडातराई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जंगलपुर में एक प्रेमी जोड़े, रामलाल चंद्रवंशी (34) और रीना चंद्रवंशी (29) के शव उनके घर में फंदे से लटकते पाए गए।
दो परिवारों के टूटने और एक नई शुरुआत की कहानी
यह कहानी केवल एक सुसाइड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गहरे सामाजिक और भावनात्मक मोड़ हैं। रामलाल और रीना दोनों पहले से शादीशुदा थे और दोनों के दो-दो बच्चे भी थे। रामलाल मजदूरी करता था और उसका रीना के पति के साथ गहरा दोस्ताना था। इसी दोस्ती के कारण रामलाल का रीना के घर आना-जाना शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे प्रेम में बदल गया।
अपने बच्चों और समाज की परवाह किए बिना, करीब 4 साल पहले दोनों ने एक बड़ा कदम उठाया और अपने-अपने परिवारों को छोड़कर रायपुर भाग गए। रायपुर में उन्होंने नई जिंदगी की शुरुआत की और आपस में विवाह कर लिया। रामलाल वहां ड्राइवरी कर घर चलाने लगा, लेकिन अपने मूल गांव और जड़ों से उनका मोह खत्म नहीं हुआ था।
गांव वापसी और अनहोनी का संकेत
करीब एक महीने पहले, मार्च 2026 में यह जोड़ा वापस अपने गांव जंगलपुर लौटा। हालांकि, सामाजिक लोक-लाज और पुराने रिश्तों के तनाव के कारण वे अपने मूल परिवारों के साथ नहीं रहे, बल्कि गांव में ही एक अलग मकान किराए पर लेकर रहने लगे।
कैसे हुआ घटना का खुलासा?
19 अप्रैल की सुबह जब रामलाल के पिता कुछ सब्जियां लेकर उनके घर पहुंचे, तो उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद पाया। काफी देर तक आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। जब उन्होंने खिड़की से अंदर झांका, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; कमरे के भीतर रामलाल और रीना के शव अलग-अलग फंदों पर लटक रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु
सूचना मिलने पर पांडातराई थाना प्रभारी कमलाकांत शुक्ला पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शवों को कब्जे में लिया।
सुसाइड नोट का अभाव: पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे गुत्थी और उलझ गई है।
आर्थिक तंगी की आशंका: प्रारंभिक जांच और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस का अनुमान है कि रायपुर से लौटने के बाद यह जोड़ा गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। शायद इसी अभाव और भविष्य की अनिश्चितता ने उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया।
पोस्टमॉर्टम: पुलिस ने शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

